विशेष रिपोर्ट- बेनी माधव कुशवाहा जिला रिपोर्टर शहडोल
शहडोल जिला के ग्राम पंचायत सीधी अंतर्गत वार्ड क्रमांक 03 स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाले “झदवा कुआं” को लेकर प्रकाशित खबर का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है।
पूर्वजों की धरोहर माने जाने वाले इस प्राचीन कुएं की बदहाल स्थिति को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद ग्राम पंचायत स्तर पर हलचल तेज हुई और सरपंच-सचिव द्वारा निर्माण कार्य प्रारंभ कराया गया।
ग्रामीणों के अनुसार वर्षों से उपेक्षा का शिकार यह कुआं न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि गांव की ऐतिहासिक पहचान भी माना जाता है।
खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्माण कार्य शुरू तो किया गया, लेकिन अब तक कुएं का कार्य पूर्ण रूप से पूरा नहीं हो सका है। अधूरे निर्माण के कारण ग्रामीणों में अब भी नाराजगी बनी हुई है।


स्थानीय नागरिकों ने बताया कि यदि मीडिया इस मुद्दे को प्रमुखता से नहीं उठाता, तो संभवतः यह धरोहर आज भी उपेक्षा का शिकार बनी रहती।
ग्रामीणों ने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर प्रकाशित करना नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाकर समाधान कराना भी है,
और इस मामले में खबर का सकारात्मक असर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं जनपद पंचायत जयसिंहनगर से मांग की है कि झदवा कुएं का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए,


ताकि ऐतिहासिक धरोहर सुरक्षित रह सके और आने वाली पीढ़ियां भी अपने पूर्वजों की इस पहचान से जुड़ी रहें।
जनहित की आवाज बनी पत्रकारिता
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज और प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करती है।
जनता की आवाज जब अखबार के माध्यम से उठती है, तो प्रशासन को भी जवाबदेह होना पड़ता है। झदवा कुएं का शुरू हुआ निर्माण कार्य इसी जनदबाव और खबर की प्रभावशीलता का परिणाम माना जा रहा है।

