विशेष संवाददाता/ गणेश सोनी सिटी रिपोर्टर जिला शहडोल
रीवा/शहडोल
रीवा–शहडोल हाईवे निर्माण बना खतरा: रात में धूल के गुबार से बाइक चालकों की बढ़ी मुश्किलें”
रीवा–शहडोल राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य को लेकर अब ग्रामीणों और यात्रियों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।
निर्माण एजेंसी की कथित लापरवाही के चलते सड़क पर उड़ रही धूल, अव्यवस्थित निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी आम लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन चुकी है।
खासकर रात्रि के समय बाइक चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा,
जिसके कारण दिनभर धूल के घने गुबार उड़ते रहते हैं। शाम और रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब धूल के कारण सामने से आ रहे वाहनों तक का दृश्य स्पष्ट नहीं दिखाई देता।
बाइक चालकों को साइड लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर सड़क किनारे उचित संकेतक, रिफ्लेक्टर और सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं लगाई गई है। रात में भारी वाहनों की आवाजाही के बीच दोपहिया वाहन चालकों के लिए सफर करना किसी खतरे से कम नहीं है।
लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी केवल औपचारिकता निभा रही है, जबकि आम जनता की सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही गिट्टी और अन्य सामग्री की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में है। यदि समय रहते निर्माण कार्य की तकनीकी जांच नहीं कराई गई तो करोड़ों की लागत से बन रही यह सड़क भविष्य में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का बड़ा उदाहरण बन सकती है।
क्षेत्रवासियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर निर्माण एजेंसी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण विकास का प्रतीक है, लेकिन जनता की जान खतरे में डालकर किया जा रहा विकास स्वीकार नहीं किया जा सकता।

