सोनहत/कोरिया |
विशेष संवाददाता/Nilesh Sony
मनरेगा कार्यों में तकनीकी अनियमितता, पंचायत स्तर पर मचा हड़कंप — ग्रामीणों ने की उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
कोरिया जिले के विकासखंड सोनहत अंतर्गत रावत सरई तालाब गहरीकरण एवं पचरी निर्माण कार्य को लेकर गंभीर प्रशासनिक सवाल खड़े हो गए हैं।
निर्माण कार्य में कथित तकनीकी अनियमितता, स्वीकृत कार्यों में बदलाव, तथा गुणवत्ता पर उठ रही शिकायतों के बाद जिला पंचायत स्तर पर मामले को गंभीरता से लिया गया है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने संबंधित इंजीनियर की कार्यशैली को “मनमानीपूर्ण” बताते हुए तत्काल जांच एवं दंडात्मक कार्रवाई की मांग उठाई है।


ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब गहरीकरण एवं पचरी निर्माण के नाम पर शासन की राशि का उपयोग नियमों के विपरीत किया जा रहा है। जिस स्थान पर पूर्व से नाला एवं अन्य कार्य स्वीकृत बताए जा रहे थे,
वहीं दूसरी ओर नए निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया। इससे कार्य की पारदर्शिता और तकनीकी स्वीकृति पर प्रश्नचिह्न लग गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित तकनीकी अधिकारी अक्सर मुख्यालय से अनुपस्थित रहते हैं और फील्ड निरीक्षण के बिना ही कार्यों को स्वीकृति प्रदान की जा रही है। इससे शासन की महत्वाकांक्षी ग्रामीण विकास योजनाओं की साख पर भी असर पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार जिला पंचायत प्रशासन ने मामले की प्रारंभिक जानकारी लेते हुए संबंधित विभाग से प्रतिवेदन तलब किया है। यदि जांच में अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधित इंजीनियर एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई, वित्तीय वसूली तथा निलंबन जैसी कठोर कार्रवाई हो सकती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों की अनदेखी कर केवल कागजी प्रगति दिखाई जा रही है। तालाब की मजबूती, जल संरक्षण क्षमता तथा पचरी निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी संदेह व्यक्त किया जा रहा है।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो बरसात में निर्माण कार्य क्षतिग्रस्त हो सकता है और सरकारी धन व्यर्थ चला जाएगा।
मनरेगा एवं पंचायत निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियमित तकनीकी निरीक्षण, स्थल सत्यापन और सामाजिक अंकेक्षण अनिवार्य है। ऐसे मामलों में लापरवाही शासन की योजनाओं पर जनता का भरोसा कमजोर करती है।
अब पूरे मामले पर जिला पंचायत और जनपद पंचायत की आगामी कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे कलेक्टर कार्यालय और जिला पंचायत में सामूहिक शिकायत प्रस्तुत करेंगे।

