दुर्ग जिले में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ली। दोपहर तक तेज गर्मी का असर बना रहा, लेकिन इसके बाद बादल छाने लगे और तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
शाम करीब 6 बजे हल्की बूंदाबांदी से शुरुआत हुई, जो कुछ ही समय में तेज बारिश में बदल गई, जिसने मौसम को ठंडा कर दिया। शाम को करीब 36 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली ,लगभग आधे घंटे तक हुई इस बारिश में करीब 2.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
मौसम विभाग के अनुसार, दुर्ग समेत पूरे छत्तीसगढ़ में मौसम का यह बदलाव कई सक्रिय मौसमी तंत्रों के संयुक्त प्रभाव से हो रहा है। दरअसल, अभी उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है,

प्रदेश के आसपास अलग-अलग ऊंचाई पर ऊपरी हवा के चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। आसान भाषा में समझें तो ये हवा के ऐसे घूमते हुए क्षेत्र होते हैं, जहां दबाव कम होता है और आसपास की हवा तेजी से ऊपर उठती है। जब यह नम हवा ऊपर जाती है तो ठंडी होकर बादल बनाती है और यही बादल आगे चलकर बारिश या आंधी का कारण बनते हैं।
द्रोणिका दरअसल कम दबाव की एक लंबी पट्टी होती है, जहां अलग-अलग दिशाओं से हवाएं आकर टकराती हैं। इस टकराव से हवा ऊपर उठती है और बादल तेजी से विकसित होते हैं। यही कारण है कि अचानक गरज-चमक और बारिश जैसी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। जब ये सभी सिस्टम यानी पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण व द्रोणिका एक साथ सक्रिय होते हैं, तो वातावरण में नमी, अस्थिरता, ऊध्र्वगामी हवा बढ़ जाती है। यही स्थिति जिले में बन रही है,

