विशेष रिपोर्ट श्री राम राजवाडे
जिला रिपोर्टर बैकुंठपुर
कोरिया जिला के ग्राम पंचायत बरदिया ग्राम पंचायत के गोबरी पारा क्षेत्र से एक चिंताजनक मामला सामने आया है,
जहां पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा भी ग्रामीणों के लिए संकट बन गई है। आरोप है कि सरकारी बोरिंग पर अवैध रूप से प्राइवेट मोटर लगाकर कुछ लोगों ने पानी पर कब्जा कर लिया है
, जिससे आम ग्रामीणों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि संगठित लापरवाही और मिलीभगत का परिणाम है।
स्थानीय लोगों ने ग्राम पंचायत के सचिव और सरपंच पर सीधे तौर पर आरोप लगाए हैं कि उनकी जानकारी और संरक्षण में यह पूरा खेल चल रहा है।
कई बार शिकायतों के बावजूद न तो कोई ठोस कार्रवाई की गई और न ही स्थिति सुधारने की कोई पहल दिखाई दी।


सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आया है कि पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग कर निजी लाभ लिया जा रहा है,
जबकि आम जनता बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव और सरपंच उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे लोगों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
यह मामला केवल एक गांव तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है—क्या सरकारी योजनाएं वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंच रही हैं,
या फिर स्थानीय स्तर पर ही उनका दुरुपयोग हो रहा है?
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) और संबंधित अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और तत्काल पेयजल व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई जा रही है।
जब पानी जैसी मूलभूत सुविधा भी भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ जाए, तो यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं,
बल्कि सामाजिक अन्याय का प्रतीक बन जाता है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर कितनी तत्परता और सख्ती दिखाता है।

