भरतपुर | विशेष रिपोर्ट
रंजीत प्रजापति
धार्मिक आस्था और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राम वन गमन पथ अंतर्गत स्थित सीता मंडी हरचौका आज उपेक्षा का शिकार होता नजर आ रहा है। कभी क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही से गुलजार रहने वाला यह स्थल अब साफ-सफाई और रखरखाव के अभाव में अपनी पहचान खोता जा रहा है।
गौरतलब है कि इस पर्यटन स्थल का विकास कार्य क्षेत्र के पूर्व विधायक गुलाब कमरों के प्रयासों से प्रारंभ हुआ था, जिसके बाद यहां मूलभूत सुविधाएं विकसित की गई थीं और स्थानीय स्तर पर रोजगार व धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिला था। लेकिन वर्तमान स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
विधायक की नाराजगी, प्रशासन को निर्देश
वर्तमान विधायक ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े ऐसे स्थलों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने संबंधित विभागों—पर्यटन विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग—को तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि यहां नियमित साफ-सफाई नहीं हो रही है, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी बदहाल हैं।




इससे श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है, जिसका सीधा असर स्थानीय रोजगार पर भी पड़ रहा है।
प्रशासनिक कार्रवाई की मांग
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मांग की है कि—
स्थल की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए
सुरक्षा और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त की जाए
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रचार-प्रसार किया जाए
स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए
यदि समय रहते प्रशासन और संबंधित विभाग सक्रिय नहीं हुए, तो यह महत्वपूर्ण धार्मिक पर्यटन स्थल पूरी तरह से अपनी पहचान खो सकता है।
अब देखना यह होगा कि विधायक के निर्देशों के बाद जिम्मेदार विभाग कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं।

