खबर श्री राम राजवाडे जिला रिपोर्टर
बैकुंठपुर (कोरिया/।
जनपद पंचायत बैकुंठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बरदीया में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां करीब 20 वर्षों से सामुदायिक भवन का निर्माण अधूरा पड़ा है।
बदलती सरकारों और पंचवर्षीय कार्यकालों के बावजूद यह परियोजना आज तक पूरी नहीं हो सकी,
जिससे स्थानीय ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
ग्रामीणों से बातचीत में चौंकाने वाली बातें सामने आईं। उनका कहना है कि निर्माण कार्य बिना पारदर्शिता के चल रहा है
—न तो लागत की स्पष्ट जानकारी है, न ही कार्य की प्रगति का कोई सार्वजनिक रिकॉर्ड। “
कितना पैसा आया, कितना खर्च हुआ—इसकी जानकारी किसी को नहीं,” एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया।
सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी मिली है कि मूलभूत सुविधाओं के लिए आवंटित राशि का समुचित उपयोग नहीं हो रहा।
वर्तमान पंचायत सचिव की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव नियमित रूप से पंचायत नहीं आते, वहीं सरपंच की उपस्थिति भी बेहद कम रहती है।


स्थिति इतनी खराब है कि पंचायत भवन अक्सर बंद रहता है, केवल औपचारिक रूप से ताला खोलकर दिन पूरा कर दिया जाता है।
इससे शासन की योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
20 वर्षों तक एक ही निर्माण कार्य का अधूरा रहना न केवल वित्तीय अनियमितताओं की आशंका को जन्म देता है,
बल्कि यह भी दर्शाता है कि निगरानी तंत्र पूरी तरह विफल रहा है।
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए,
निर्माण कार्य की वित्तीय फाइलों की जांच हो, । साथ ही, अधूरे सामुदायिक भवन का निर्माण कार्य समयसीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए जाएं।



ग्राम पंचायत बरदीया का यह मामला केवल एक अधूरे भवन का नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत और जवाबदेही की कमी का प्रतीक बन चुका है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है।

