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संदिग्ध मौत या साजिश? शहडोल के चितरांव में युवक की फांसी पर उठे सवाल, एक माह बाद भी जांच अधूरी……

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शहडोल | विशेष रिपोर्ट
बेनी माधव कुशवाहा…

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के जनपद पंचायत जयसिंहनगर अंतर्गत ग्राम चितरांव में 15 मार्च 2026 को हुई एक युवक की संदिग्ध मौत अब तक रहस्य बनी हुई है।

मृतक प्रदीप यादव (पिता – टमाटर यादव) का शव गांव के बाहर स्थित बांध के पास रस्सी से लटका मिला था,

जिसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या बताया गया, लेकिन स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार घटना कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

🔍 परिस्थितियां बता रहीं कुछ और कहानी

घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थिति में शव रस्सी से लटका हुआ मिला, वह सामान्य आत्महत्या जैसा प्रतीत नहीं होता।

कई लोगों का स्पष्ट कहना है कि “यह फांसी नहीं बल्कि हत्या कर शव को लटकाने का मामला लग रहा है।”

मृतक के शरीर की स्थिति, स्थान और घटनास्थल की परिस्थितियों को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है।

🚨 पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी मामले में किसी ठोस जांच या खुलासे की जानकारी सामने नहीं आई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस द्वारा मामले की गहराई से जांच नहीं की जा रही है और न ही संभावित दुश्मनी या अन्य पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया गया है।

👨‍👩‍👦 गरीब परिवार, न्याय की आस

मृतक का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। परिजनों का कहना है कि उनके पास इतने संसाधन नहीं हैं कि वे उच्च स्तर पर दबाव बना सकें या निजी स्तर पर जांच करवा सकें। ऐसे में उन्हें प्रशासन और न्याय व्यवस्था से ही उम्मीद है।

परिवार का स्पष्ट आरोप है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो यह मामला हमेशा के लिए दब जाएगा।

⚖️ निष्पक्ष जांच की मांग

ग्रामवासियों और परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह आत्महत्या है या हत्या।

साथ ही, दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बना रहे।

चितरांव की यह घटना सिर्फ एक युवक की मौत नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय और जांच प्रक्रिया पर उठते गंभीर सवालों का प्रतीक बनती जा रही है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब तक सच्चाई सामने लाता है।

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