📍 विशेष रिपोर्ट | निलेश सोनी……
ओडगी ब्लॉक (छतरंग ग्राम पंचायत):
ग्रामीण विकास की रीढ़ मानी जाने वाली ग्राम पंचायत व्यवस्था छतरंग में दम तोड़ती नजर आ रही ह
पंचायत सचिव की लगातार अनुपस्थिति ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को कमजोर किया है, बल्कि मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्रामीणों में गहरा असंतोष भी पैदा कर दिया है।
ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत सचिव महोदय महीने में केवल एक-दो बार, वह भी ग्राम सभा या विशेष बैठकों के दौरान ही पंचायत में दिखाई देते हैं। नियमित कार्यों, योजनाओं की निगरानी और आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए उनकी उपस्थिति लगभग न के बराबर है।

जब इस संबंध में सरपंच से चर्चा की गई, तो उन्होंने भी यह स्वीकार किया कि सचिव केवल आवश्यक कार्यों के समय ही पंचायत आते हैं।
साथ ही यह भी बताया गया कि संबंधित सचिव कई अन्य पंचायतों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, जिसके चलते छतरंग पंचायत की उपेक्षा हो रही है।
मूलभूत सुविधाओं पर असर:
सचिव की लापरवाही का सीधा असर गांव के विकास कार्यों पर पड़ रहा है।
सड़क, पानी, स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रभावित हैं, और ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
वित्तीय अनियमितताओं की आशंका:
ग्रामीणों ने 14वें और 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
आरोप है कि इन महत्वपूर्ण निधियों का पारदर्शी और सही उपयोग नहीं किया जा रहा है, जिससे विकास कार्य अधूरे या कागज़ों तक सीमित रह गए हैं।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग:
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पंचायत सचिव की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
साथ ही वित्तीय लेन-देन की पारदर्शिता के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
यदि समय रहते इस तरह की लापरवाही और अनियमितताओं पर रोक नहीं लगाई गई, तो ग्रामीण विकास की योजनाएं केवल फाइलों में सिमटकर रह जाएंगी और आम जनता का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा।

