छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के चरचा कॉलरी स्थित कोल हैंडलिंग प्लांट में कथित वसूली कांड का होने के बाद हड़कंप मच गया है ,प्रबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो श्रमिकों का ट्रांसफर कर दिया, लेकिन पूरे मामले में अधिकारियों की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बातचीत में यह भी सामने आया कि ओवरटाइम, संडे ड्यूटी और मनचाही पोस्टिंग के बदले कर्मचारियों से पैसे लिए जाते हैं।बताया जा रहा है कि दोनों श्रमिकों को बिना नोटिस और बिना स्पष्टीकरण का मौका दिए “प्रशासनिक आधार” पर ट्रांसफर कर दिया गया।सूत्रों के अनुसार CHP में लंबे समय से अवैध वसूली का खेल चल रहा है। कर्मचारियों से हर महीने 10 से 12 हजार रुपये तक वसूले जाने और संडे ड्यूटी के लिए अलग से राशि लेने के आरोप भी सामने आए हैं।

