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“प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में भ्रष्टाचार का खेल? सोनहत–कछाडी रोड निर्माण में घटिया सामग्री और मनमानी कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल”……………….

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📍 सोनहत से विशेष. रिपोर्ट नीलेश सोनी…

“ग्रामीणों का आरोप—मानकों की अनदेखी, खराब हिस्सों की खानापूर्ति मरम्मत;

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही सोनहत– कछाडी छतरंग सड़क इन दिनों गंभीर अनियमितताओं और कथित भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर गई है।

ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे योजना की विश्वसनीयता पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है।

🔍 घटिया सामग्री से बन रही सड़क?

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही गिट्टी (पत्थर) मानक के अनुरूप नहीं है। मौके पर मौजूद तस्वीरों से भी स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि सामग्री की गुणवत्ता संदेह के घेरे में है।

, यदि आधारभूत सामग्री ही कमजोर होगी, तो सड़क की उम्र और मजबूती पर सीधा असर पड़ेगा।

🚧 चयनात्मक मरम्मत से उठे सवाल

स्थानीय लोगों ने बताया कि जहां सड़क अपेक्षाकृत ठीक हालत में है, उसे तोड़ा ही नहीं जा रहा,

जबकि केवल खराब हिस्सों में औपचारिक मरम्मत कर कार्य पूर्ण दिखाया जा रहा है।

इस “चयनात्मक सुधार” की नीति से यह आशंका जताई जा रही है कि निर्माण कार्य में पारदर्शिता और तकनीकी मानकों का पालन नहीं हो रहा।

🗣️ ठेकेदार का विवादित बयान

यह बयान न केवल कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि प्रशासनिक नियंत्रण और जवाबदेही की स्थिति को भी उजागर करता है।

⚠️ प्रशासन और विभाग की भूमिका पर प्रश्नचिह्न

पूरे मामले में संबंधित विभाग, निगरानी एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।

 

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े जिम्मेदार अधिकारी अब तक सक्रिय नजर नहीं आ रहे हैं।

न तो कोई ठोस निरीक्षण कार्रवाई दिख रही है और न ही गुणवत्ता जांच की पारदर्शी प्रक्रिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारी या तो जानबूझकर अनदेखी कर रहे हैं या फिर पूरे मामले में मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

यदि निर्माण कार्य में इतनी स्पष्ट अनियमितताएं सामने आ रही हैं, तो निरीक्षण और गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठना लाजिमी है।

😠 ग्रामीणों में बढ़ता आक्रोश

सड़क की खराब गुणवत्ता और मनमाने कार्य से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

लोगों का कहना है कि यह सड़क उनके आवागमन और विकास की जीवनरेखा है, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण यह योजना अपने उद्देश्य से भटकती नजर आ रही है।

📢 मांग

ग्रामीणों ने मांग की है कि:

कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए

गुणवत्ता परीक्षण स्वतंत्र एजेंसी से कराया जाए

 

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजना, जिसका उद्देश्य ग्रामीण भारत को मजबूत सड़कों से जोड़ना है,

यदि इसी तरह अनियमितताओं की भेंट चढ़ती रही, तो यह न केवल सरकारी संसाधनों की बर्बादी होगी, बल्कि आम जनता के विश्वास को भी गहरा आघात पहुंचाएगी।

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