📰 विशेष रिपोर्ट | Nilesh Sony…………
🚨 *वर्षों से मूलभूत सुविधाओं को तरस रहा ‘परसा बहरी’ गाँव,? पंचायत की उदासीनता पर गहरा सवाल!?
सलगंवाकला
(ग्राम पंचायत सलगंवाकला के आश्रित ग्राम परसाबहरी)।
विकास और मूलभूत सुविधाओं की बात करने वाली ग्राम पंचायत सलगंवा कला के आश्रित ग्राम परसा बहरी की तस्वीरें बेहद निराशाजनक हैं।?
गाँव के ग्रामीण कई दशकों से पंचायत की सबसे बुनियादी सुविधाओं—खासकर सड़क (राह)—के अभाव में नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।?


? दशकों से बदहाल: कीचड़ और दुर्गम रास्तों का अभिशाप?
परसा बहरी के ग्रामीणों को आज भी पक्की सड़क (राह) न होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।?
हर बारिश में गाँव का मुख्य रास्ता एक दलदल में बदल जाता है।?
* दिक्कत और कीचड़: मामूली बारिश भी रास्तों को कीचड़ और दलदल में तब्दील कर देती है, जिससे पैदल चलना भी दुश्वार हो जाता है।?

* असुविधाओं का अंबार: ग्रामीणों को इसी कीचड़ भरे रास्ते से गुजरकर दैनिक जरूरतें पूरी करनी पड़ती हैं।
बीमारों को अस्पताल ले जाने और स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए यह रास्ता किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।?
* आक्रोश: ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने वर्षों से इस समस्या को लेकर ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों का दरवाजा खटखटाया है, लेकिन हर बार केवल झूठा आश्वासन मिला है।?
🤨 पंचायत और प्रशासन पर निंदा: ‘विकास’ के दावों की खुली पोल?
यह अत्यंत निंदनीय और शर्मनाक है
कि एक ही पंचायत के एक गाँव को, आजादी के इतने वर्षों बाद भी, पक्की सड़क जैसी मूलभूत मानवीय सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है।?
* विकास के दावों पर प्रश्नचिह्न: ग्राम पंचायत सलगंवा कला के विकास के दावे परसा बाहरी की बदहालत देखकर खोखले नजर आते हैं।?
* उदासीनता की पराकाष्ठा: पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय प्रशासन की घोर उदासीनता और लापरवाही ही इस दशकों पुरानी समस्या की मुख्य वजह है। ?
क्या परसा बाहरी के नागरिक, इस पंचायत का हिस्सा नहीं हैं?
* बड़ा सवाल: ग्रामीणों को यह मूलभूत सुविधा देने में दशकों की देरी क्यों हुई? इस अक्षम्य लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है, और कब तक यह गाँव उपेक्षित रहेगा?
ग्रामीणों ने कठिन शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।?
अब देखना यह है कि प्रशासन कब नींद से जागता है और परसा बाहरी के नागरिकों को इस कीचड़ भरे
पर साबरी की स्थानीय ग्रामीणों ने ऐसा आरोप लगाया है कि पंचायत के सचिव कभी भी हमारे इसके गांव में आते ही नहीं है ?
और ना ही पंचायत इस गांव की कोई भी मूलभूत सुविधा का लाभ नहीं आरे भैया दिलाते हैं
अभिशाप से मुक्ति दिलाता है।?

