📝 *खबर (निलेश सोनी):
ग्राम पंचायत चकडंड से शासन की योजनाओं की जमीनी सच्चाई सामने आ रही है,
जहां एक ओर स्वच्छता अभियान और ग्रामीण विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पंचायत स्तर पर बदहाल व्यवस्थाएं गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
ग्राम पंचायत के शौचालयों की हालत अत्यंत जर्जर और दयनीय बनी हुई है। साफ-सफाई का अभाव है,
परिसर में गंदगी फैली हुई है, जिससे ग्रामीणों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।


पंचायत भवन भी नियमित रूप से नहीं खुलता, जिससे आम जनता के कार्य बाधित हो रहे हैं।
इस संबंध में जब सरपंच से बात की गई तो उन्होंने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया,
जबकि उनके पति पर दबंगई और हस्तक्षेप के आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाए जा रहे हैं।
वहीं पंचायत सचिव का रवैया भी बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताया जा रहा है—न फोन उठाना, न ही पंचायत में उपस्थित रहना।
अतिरिक्त प्रभार का बहाना बनाकर कार्यों से बचने का आरोप भी सामने आया है।
सबसे गंभीर आरोप मनरेगा
(महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत हो रहे कार्यों को लेकर हैं।

सूत्रों के मुताबिक, कार्यों में भारी अनियमितता, फर्जी मस्टर रोल, और “सेटिंग” के आधार पर केवल चुनिंदा लोगों को ही रोजगार दिया जा रहा है। मांग निकालने और भुगतान की प्रक्रिया में भी पारदर्शिता की कमी बताई जा रही है।
ग्रामीणों में आक्रोश साफ दिखाई दे रहा है। वे सरपंच प्रतिनिधि (पति) और सचिव दोनों के रवैये से नाराज हैं और प्रशासन से तत्काल जांच व कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
⚖️ प्रशासनिक दृष्टि से सवाल:
क्या पंचायतों में चल रही योजनाओं की निगरानी पूरी तरह फेल हो चुकी है?
क्यों जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं कर रहे?
क्या पंचायत स्तर पर “प्रॉक्सी शासन” (सरपंच पति का हस्तक्षेप) को रोकने के लिए कोई ठोस व्यवस्था है?
पंचायत कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री द्वारा तत्काल संज्ञान लिया जाए
शौचालय निर्माण व रखरखाव की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई
मनरेगा कार्यों का सोशल ऑडिट व स्वतंत्र जांच
पंचायत सचिव व सरपंच की जवाबदेही तय कर अनुशासनात्मक कार्रवाई
ग्राम पंचायत जागरण का यह मामला केवल एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में व्याप्त खामियों की ओर इशारा करता है।
यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मुद्दा प्रदेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर सरकार की छवि को प्रभावित कर सकता है।

