📝 *खबर (निलेश सोनी):
“अटल आवास में बड़ा घोटाला:
ग्राम पंचायत चकडड
“सोनहत में अटल आवास योजना में अनियमितता,
रोजगार सहायक के पति पर कार्रवाई की मांग तेज”
हेडलाइन
“गरीबों के घर पर भ्रष्टाचार का वार: जनप्रतिनिधियों से जवाबदेही और सख्त कार्रवाई की मांग”
सोनहत (छत्तीसगढ़):
प्रधानमंत्री अटल आवास योजना, जिसका उद्देश्य देश के हर गरीब को पक्का मकान उपलब्ध कराना है,
अब भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते सवालों के घेरे में आ गई है। ब्लॉक सोनहत के ग्राम पंचायत चकडड में योजना की जमीनी हकीकत ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। ?
ग्राम पंचायत के पांच हितग्राही—शिवचरण सिंह, सुरेन्द्र सिंह, भलवा पंडो, अहिवरन और धर्मपाल—पिछले दो वर्षों से अधूरे मकानों के बीच बदहाल जीवन जीने को मजबूर हैं।

आरोप है कि पंचायत से जुड़े तंत्र के माध्यम से रोजगार सहायक चंदा जायसवाल के पति उमेश जायसवाल ने मकान निर्माण कराने का झांसा देकर हितग्राहियों से राशि निकलवा ली, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया।
आज स्थिति यह है कि अधूरे मकानों में झाड़-झंखाड़ उग आए हैं और गरीब परिवार अपने पक्के घर के सपने को टूटते हुए देख रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि शिकायत के बावजूद संबंधित अधिकारी मामले में सक्रियता दिखाने से बचते नजर आ रहे हैं।
जनपद सीईओ मनोज जगत ने हाल ही में पदभार संभालने की बात कहते हुए मामले की जांच कराने की बात कही है,
लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
“जब गरीबों का घर ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाए, तो विकास के दावे सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाते हैं।
अब सवाल है—क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में दफन हो जाएगा?”

