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दशक भर से बंद पड़ा पशु औषधालय सीधी: डॉक्टर–कर्मचारी नदारद, ग्रामीणों में आक्रोश”…………

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दशक भर से बंद पड़ा पशु औषधालय सिही: डॉक्टर–कर्मचारी नदारद, ग्रामीणों में आक्रोश”

पशु औषधालय सिधी केंद्र पर गंभीर आरोप — ताले में बंद अस्पताल, ?

📍 सिधी केंद्र, जिला शहडोल (मध्य प्रदेश)

जिले के सिधी स्थित शासकीय पशु औषधालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पशु औषधालय अधिकांश समय बंद रहता है और निर्धारित कर्मचारी नियमित रूप से उपस्थित नहीं होते।

स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार, अस्पताल में तैनात कर्मचारी ड्यूटी स्थल पर न रहकर क्षेत्र में भ्रमण के नाम पर बाहर रहते हैं, जबकि पशुपालकों को आपातकालीन स्थिति में इलाज के लिए भटकना पड़ता है।

🐄 ग्रामीणों के गंभीर आरोप

औषधालय समय पर नहीं खुलता।

कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति नहीं रहती।

पशुओं के नाम पर मिलने वाली दवाइयों की कथित रूप से बिक्री किए जाने का आरोप।

बीमार पशुओं के इलाज में लापरवाही।

ग्रामीणों का कहना है कि पशुधन ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है।

ऐसे में यदि शासकीय पशु चिकित्सा केंद्र ही निष्क्रिय हो जाए, तो इसका सीधा असर किसानों और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।

⚖ प्रशासन से कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग से मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो यह न केवल शासकीय दायित्वों की अवहेलना है, बल्कि पशुपालकों के साथ गंभीर अन्याय भी है।

जिले के सिधी क्षेत्र में स्थित पशु औषधालय की स्थिति इन दिनों गंभीर लापरवाही का उदाहरण बनी हुई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि लगभग एक दशक पूर्व निर्मित यह पशु औषधालय आज तक नियमित रूप से संचालित ही नहीं हुआ।

भवन खड़ा है, लेकिन ताले नहीं खुलते और पशुपालकों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है।

ग्रामीण सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि औषधालय में पदस्थ डॉक्टर, ड्रेसर तथा अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति संदिग्ध बनी रहती है।

ग्रामीणों का कहना है कि “कभी कोई डॉक्टर नजर नहीं आता, न ही ड्रेसर का पता रहता है। पशुओं के इलाज के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता है।”

बताया जा रहा है कि औषधालय का संचालन मनमाने ढंग से किया जा रहा है। कई बार ग्रामीण उपचार के लिए पहुंचे, लेकिन परिसर बंद मिला।

इससे पशुपालकों को आर्थिक और मानसिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

🔎 प्रमुख आरोप

औषधालय निर्माण के बाद से नियमित संचालन नहीं

डॉक्टर एवं स्टाफ की अनुपस्थिति

पशुपालकों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा

प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पशु औषधालय की कार्यप्रणाली की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए तथा नियमित रूप से डॉक्टर और कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस गंभीर लापरवाही पर कब संज्ञान लेता है और पशुपालकों को राहत कब तक मिलती है।

📢 अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को किस स्तर पर संज्ञान में लेकर क्या कार्रवाई करता है।

Ground Report Beni Madhav kushvaha
Gram Sidhi jila shehdol Madhya Pradesh

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