निलेष सोनी…
ब्रेकिंग न्यूज़ | सोनहत ब्लॉक से ज़मीनी सच्चाई
“तंजरा पंचायत का पलारीडाँड़ अंधेरे में—बिजली नदारद, सौर लाइटें बंद; बच्चों की पढ़ाई और जनजीवन प्रभावित”
तंजरा ग्राम पंचायत के आश्रित गांव पलारीडाँड़ में विकास के दावे ज़मीनी हकीकत से मेल नहीं खाते दिख रहे हैं।
गांव में नियमित बिजली आपूर्ति का अभाव है और जो सौर होम लाइटें कभी उम्मीद की किरण बनी थीं,
वे भी अब बंद पड़ी हैं।
जनजीवन प्रभावित”
पूरा गांव रात होते ही अंधकार में डूब जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार,
बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित है—शाम ढलते ही किताबें बंद करनी पड़ती हैं।

मोबाइल चार्जिंग जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं।
आपात स्थिति में संपर्क और सहायता मुश्किल हो जाती है।
महिलाएं और बुजुर्ग सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं।
सौर ऊर्जा योजना का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों को रोशन करना था,
लेकिन मेंटेनेंस और जवाबदेही के अभाव में उपकरण निष्क्रिय हो गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतें की गईं, पर स्थायी समाधान अब तक नहीं मिला।
*📌 ग्रामीणों की मांग
1. नियमित और स्थायी बिजली आपूर्ति की व्यवस्था।
2. बंद पड़ी सौर लाइटों की तत्काल मरम्मत या प्रतिस्थापन।
3. जिम्मेदार विभाग द्वारा समयबद्ध कार्रवाई और निगरानी।
4.* गांव में सुरक्षा व आपात सुविधा सुनिश्चित करने के ठोस कदम।*
यह मुद्दा केवल एक गांव का नहीं, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रश्न है। ?
यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो यह स्थिति शासन-प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करेगी। ?
(विशेष रिपोर्ट – ग्रामीण हित में)

