हेडलाइन:
* जल संरक्षण अभियान को ठेंगा:
जाम टिकरा में नल-जल योजना फेल, पाइपलाइन फटी—पानी महीनों से बर्बाद
खबर:
जिले में जल संरक्षण को लेकर माननीय कलेक्टर कोरिया द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत के हर खसरे में 5% मॉडल के तहत विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
एक ओर प्रशासन पानी बचाने के लिए जागरूकता और योजनाओं पर जोर दे रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्राम पंचायत भैसवार के ग्राम जाम टिकरा, वार्ड क्रमांक 13 में नल-जल योजना की स्थिति पूरी तरह बदहाल नजर आ रही है।
स्थानीय स्तर पर सामने आए फोटो और ग्रामीणों की शिकायतों के अनुसार, योजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइन कई जगहों से फट चुकी है।
हालत यह है कि पानी टंकी तक पहुंचने के बजाय बीच रास्ते में ही महीनों से लगातार बह रहा है।
इससे न केवल पानी की भारी बर्बादी हो रही है, बल्कि शासन की मंशा पर भी सवाल उठ रहे हैं। ?
वार्ड पंच देवब्रत गिरी ने आरोप लगाया कि इस निर्माण कार्य में संबंधित विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से अत्यंत घटिया स्तर की सामग्री का उपयोग किया गया है।
कागजों में उच्च गुणवत्ता दिखाकर अधिकतम राशि का आहरण किया गया, जबकि जमीनी हकीकत इसके विपरीत है।
यही कारण है कि निर्माण के कुछ ही समय बाद पूरी पाइपलाइन व्यवस्था चरमरा गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस लापरवाही के कारण उन्हें स्वच्छ पेयजल की सुविधा नहीं मिल पा रही है, साथ ही बहते पानी से आसपास गंदगी और जलभराव की स्थिति भी बन रही है। यह स्थिति न केवल संसाधनों की बर्बादी है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकती है।
मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों और ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा पाइपलाइन और टंकी की मरम्मत कर जल्द से जल्द व्यवस्था को सुचारू किया जाए,
ताकि शासन की योजना का लाभ वास्तव में आम जनता तक पहुंच सके।
(रिपोर्ट: , वार्ड क्रमांक – 13, ग्राम जाम टिकरा, ग्राम पंचायत भैसवार)

