चार उपार्जन केंद्रों पर कुल पांच किसानों ने धान बिक्री की
एक किसान का कल होगा धान खरीदी
जिले के चार उपार्जन केंद्रों पर कुल पांच किसानों द्वारा धान विक्रय किया गया। जिसमें घुटरा समिति केंद्र में नोडल अधिकारी श्रीमती इंद्रा मिश्रा, खरीदी प्रभारी सोनू तोमर, सहायक प्रभारी राम बदन सिंह, सरपंच शिवप्रसाद, उप सरपंच संतोष राय, सचिव प्रेमलाल तथा रोजगार सहायक भजन सिंह की उपस्थिति में किसान आदित्य कुमार ने 12.45 क्विंटल धान बेचा। वहीं बहरासी केंद्र में नोडल अधिकारी तहसीलदार नीरजकांत तिवारी, खरीदी प्रभारी ऋषि सिंह, सहायक प्रभारी लालमनी रावर्सी, पटवारी फेकू जायसवाल, सचिव पंकज सिंह एवं रोजगार सहायक आशा श्रीवास की उपस्थिति में खाड़ाखोह निवासी किसान नारायण जोगी ने 27.20 क्विंटल धान विक्रय किया। इसके साथ ही जनकपुर उपार्जन केंद्र में प्रभारी अधिकारी जी.आर. सिंह चौहान, सहायक प्रभारी प्रभाकर सिंह एवं पटवारी बसंत सिंह की देखरेख में भगवानपुर निवासी किसान सजल सिंह ने 130 क्विंटल धान विक्रय कर पहले दिन जिले का सर्वोच्च विक्रय रिकॉर्ड दर्ज किया। वहीं गडवार/ कुवारपुर केंद्र में नोडल अधिकारी महेंद्र कुमार, खरीदी प्रभारी अनिल पटेल, सहायक प्रभारी श्याम सिंह, सहायक नोडल अधिकारी दीनदयाल सिंह, पटवारी सुरेंद्र कुमार एवं सतेन्द्र कुमार की उपस्थिति में तिलौली निवासी अयोध्या प्रसाद ने 20 क्विंटल तथा गोधौरा निवासी शांति अहिवार ने 22.40 क्विंटल धान विक्रय किया। इसी केंद्र में तिलौली निवासी अनिरुद्ध अहिरवार द्वारा 19.20 क्विंटल धान विक्रय प्रस्तावित था, किन्तु सॉफ्टवेयर सोसायटी मॉड्यूल में नाम प्रदर्शित न होने से उनकी खरीदी अगले तिथि हेतु सुरक्षित कर दी गई। वहीं प्रथम दिवस की उपार्जन केंद्रों ने 231.25 क्विंटल धान खरीदी प्रस्तावित था, परन्तु एक किसान की डाटा उपार्जन मॉड्यूल में प्रदर्शित न होने से कुल खरीदी 212.05 क्विंटल पर दर्ज हुई।
इस प्रक्रिया ने यह सिद्ध कर दिया कि जिले के किसान प्रशासन की नीतियों, प्रबंधन एवं भुगतान प्रणाली पर पूर्ण विश्वास रखते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संपूर्ण उपार्जन कार्य पारदर्शिता, निष्पक्षता, मानकीकृत मापदंड तथा समयबद्ध प्रक्रिया के साथ किया जाएगा। टोकन, तौल, परिवहन और भुगतान का कार्य निर्धारित दिशा-निर्देश एवं प्रोटोकॉल के तहत किया जाएगा तथा किसानों को किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए अधिकारी एवं कर्मचारी निरंतर तैनात रहेंगे। वहीं प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि, समय-सारणी और गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए धान उपार्जन केंद्रों में उपस्थित हों। प्रथम दिवस की फसल उपार्जन व्यवस्था एवं किसान भागीदारी यह संकेत देती है कि इस वर्ष जिले में धान उपार्जन कार्य नए मानकों, बेहतर रिकॉर्ड तथा किसान समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा।



