बैकुण्ठपुर। नगर पालिका मुख्यालय में भ्रष्टाचार, मनमानी और दलालों के राज से आम जनता का सब्र अब टूटता नजर आ रहा है। नगर पालिका के अंदरूनी हालात ऐसे हैं कि अब जनता खुलेआम तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाने लगी है।
लोकल सीएमओ, दलाल पत्रकार और फर्जी वीडियो का खेल!
सूत्रों के अनुसार नगर पालिका में पदस्थ अधिकांश सीएमओ लोकल हैं, जिन्हें कुछ दलाल पत्रकारों और नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। बताया जा रहा है कि नगरपालिका अध्यक्ष और सीएमओ के परिवार के कई सदस्य भी नगर पालिका में ही पदस्थ हैं, जिससे पारदर्शिता पूरी तरह गायब हो गई है।
काम बंद, हाजिरी पूरी — कार्यालय में आधा स्टाफ गायब!
नगर पालिका के कर्मचारियों की लापरवाही का आलम यह है कि आधे लोग कार्यालय आते ही नहीं, लेकिन हाजिरी पूरी लगाई जाती है। वहीं जनता अपने काम के लिए बार-बार चक्कर काट रही है, मगर सीएमओ सुनने को तैयार नहीं।
42 लाख की नाली पर उठे सवाल — निर्माण कार्य की जांच नहीं!
जनता में चर्चा है कि नया बस स्टैंड से ठेकेदार के घर तक बनाई गई नाली की लागत लगभग ₹42 लाख दिखाई गई है। निर्माण कार्य की जांच के लिए प्रशासन को बार-बार शिकायत दी गई, लेकिन आज तक जांच शुरू नहीं हुई। वहीं अटल परिसर की लागत सूची भी सार्वजनिक पटल पर नहीं लगाई गई है।
जातिवाद, दलाली और वसूली का खेल जारी!
नगर पालिका, विधानसभा और लोकसभा चुनावों के वक्त सत्ता पक्ष के नेता “मोदी की गारंटी” का खूब गुणगान करते हैं, लेकिन विकास कार्यों की सच्चाई जनता के सामने है। बैकुण्ठपुर में जातिवाद और पैसे का खुला खेल जारी है।
शराब बिक्री में पुलिस की मिलीभगत? जूनापारा का मामला गरमाया!
31 अक्टूबर 2025 को जूनापारा में पुलिस की मौजूदगी में शराब बिकने की शिकायत ने सबको चौंका दिया। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित पक्ष को ही फंसा दिया गया। लोगों का आरोप है कि पुलिस विभाग में वसूली का खेल ज्यादा और कार्रवाई नाम मात्र की हो रही है।
जनता पूछ रही — कलेक्टर कब तोड़ेंगे इस दलाली के जाल को?
नगर पालिका, पुलिस और राजस्व विभाग पर लग रहे गंभीर आरोपों ने कोरिया प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता अब यह जानना चाहती है कि कलेक्टर इन दलालों और भ्रष्ट अधिकारियों पर आखिर कब कार्रवाई करेंगे?
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