बैकुण्ठपुर/कोरिया। जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर नगर पालिका एक बार फिर भारी भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े के आरोपों से घिर गई है। वशिष्ठ टाइम्स की तहकीकात में सामने आया है कि नगर पालिका में आरआई, पटवारी और कुछ पार्षद मिलकर लाखों का खेल खेल रहे हैं।
पट्टा घोटाला — एक परिवार को तीन-तीन पट्टे!
सूत्रों के अनुसार, नगर पालिका के आरआई और पटवारी ने प्रेमाबाग क्षेत्र में भारी धांधली करते हुए पैसे लेकर अवैध रूप से पट्टे जारी किए। बताया जाता है कि एक ही परिवार के तीन-चार सदस्यों को पट्टा दिया गया, जबकि नियमों के अनुसार एक परिवार को केवल एक पट्टा दिया जा सकता है। हैरानी की बात यह है कि आरआई ने अपनी बहू के नाम पर भी पट्टा बनवा लिया! प्रेमाबाग में कोई भी व्यक्ति भूमिहीन नहीं था, फिर भी पार्षद ने अपने “सामाजिक रिश्तों” के नाम पर लोगों को फर्जी तरीके से पट्टे दिलवा दिए।
नगर पालिका में लूट का बाजार — ठेकेदार भी, पार्षदपति भी!
सूत्र बताते हैं कि नगर पालिका में पार्षदपति ठेकेदार बने बैठे हैं। प्रेस क्लब, प्रेमाबाग में 35 लाख की लागत से बना भवन हकीकत में 20 लाख से अधिक में तैयार नहीं हुआ, बाकी रकम ठेकेदारों और पार्षदों की जेब में चली गई। इसी प्रकार बाईसागर तालाब में 28 लाख के रोड निर्माण के नाम पर फर्जी बिल बनाकर राशि निकाल ली गई। बताया जाता है कि इस घोटाले में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों से जुड़े पार्षद शामिल हैं, जो आपस में “बंदरबांट” कर रहे हैं।
अवैध निर्माण और अतिक्रमण का खुला खेल
नगर पालिका क्षेत्र में जगह-जगह अवैध निर्माण जारी है। पुराने और नए बस स्टैंड के आस-पास अतिक्रमण कर फल-माला व्यवसायियों से वसूली की जा रही है। नगर पालिका के कुछ “स्थानीय अधिकारी” चहेतों को कार्यालयों में बैठाकर मनमानी कर रहे हैं। जनता को मिलने के लिए बार-बार चक्कर काटने पड़ते हैं, लेकिन अधिकारी अपने “टाइमपास” में व्यस्त रहते हैं।
गंदगी में डूबी नगर पालिका!
नगर पालिका बाथरूम की स्थिति भी शर्मनाक बताई जा रही है। अंदर गंदगी, दुर्गंध और अस्वच्छ वातावरण के कारण लोग बाथरूम जाना पसंद नहीं करते। परंतु न चाहते हुए भी जाना पड़ता है कुछ महिलाओं के अपशिष्ट पदार्थ भी वहीं फेंके हुए होते है। जो कि देखने में भी अजीब लगता है। पुरुष गुटखा खाकर थूकते हैं, और स्वच्छता की अनदेखी की जा रही है।
वशिष्ठ टाइम्स का सवाल — जवाब दें कलेक्टर साहब!
वशिष्ठ टाइम्स प्रशासन से यह सवाल पूछता है कि —
👉 आखिर कोरिया जिले के नगर पालिका में किस पार्षद ने 15 लाख रुपये लिए?
👉 कौन-कौन से अधिकारी इस भ्रष्टाचार के नेटवर्क में शामिल हैं?
👉 कब तक नगर पालिका और राजस्व विभाग की मिलीभगत से जनता का पैसा लूटा जाएगा?
अब जनता जानना चाहती है — क्या कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी फाइलों में धूल फांकता रह जाएगा? यह समाचार प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रकाशित किया जा रहा है।


