बैकुण्ठपुर/कोरिया। जिला जर्नलिस्ट प्रेस क्लब, कोरिया (छत्तीसगढ़) में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। संगठन की आंतरिक बैठक में संगठन-विरोधी गतिविधियों में शामिल कुछ सदस्यों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के बाद जिले के मीडिया जगत में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ सदस्य लगातार प्रेस क्लब की नीतियों के खिलाफ काम कर रहे थे। इन सदस्यों पर आरोप है कि उन्होंने संगठन के अनुशासन, मर्यादा और सामूहिक निर्णयों की अवहेलना करते हुए भ्रामक प्रचार, गुटबाजी और संगठन की साख को नुकसान पहुँचाने वाली गतिविधियों में भाग लिया। और क्लब के पदाधिकारियों ने कई बार इन सदस्यों को चेतावनी दी थी, लेकिन बार-बार की अनदेखी के बाद आखिरकार सख्त निर्णय लेना पड़ा।
प्रेस क्लब की आपात बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि, ऐसे सदस्य जो संगठन के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उन्हें निलंबित या निष्कासित किया जाएगा। और संगठन के नाम का दुरुपयोग करने वालों पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। ऐसा प्रतीत होता है कि, भविष्य में किसी भी पत्रकार को क्लब से जोड़ने से पहले उसकी सदाचार, कार्यशैली और प्रेस आचारसंहिता के पालन की पूरी जांच की जाएगी।
वहीं जिला जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के अध्यक्ष ने कहा— “प्रेस क्लब पत्रकारों का एक अनुशासित मंच है। यह व्यक्तिगत स्वार्थ या गुटबाजी का अड्डा नहीं बन सकता। जो भी संगठन की एकता और गरिमा के खिलाफ काम करेगा, उस पर कार्रवाई जारी रहेगी।” महासचिव ने बताया कि संगठन पत्रकारों के हित, एकता और विश्वसनीयता को सर्वोच्च मानता है। “हमारे क्लब की साख जनता के भरोसे पर टिकी है, और कोई भी व्यक्ति उस पर दाग नहीं लगा सकता,” उन्होंने कहा क्लब की इस कार्रवाई के बाद जिलेभर के पत्रकारों में दो तरह की प्रतिक्रिया देखी जा रही है — जहाँ एक वर्ग इसे अनुशासन की जीत बता रहा है, वहीं कुछ इसे कठोर लेकिन ज़रूरी कदम मान रहे हैं। कई वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि ऐसे कदम संगठन को मजबूत बनाते हैं और फर्जी पत्रकारिता के बढ़ते खतरे पर अंकुश लगाते हैं।
प्रेस क्लब अब संगठन की कार्यप्रणाली को और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम करेगा। सदस्यता नवीनीकरण की नई प्रक्रिया, प्रशिक्षण कार्यक्रम और निष्पक्ष रिपोर्टिंग को बढ़ावा देने के लिए भी रणनीति बनाई जा रही है।
कोरिया जिला पत्रकारिता जगत में यह कार्रवाई एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। यह संदेश साफ है — “प्रेस की आज़ादी के साथ-साथ ज़िम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है।” जो पत्रकारिता की मर्यादा तोड़ेगा, उस पर संगठन अब कठोर रुख अपनाएगा।


