Home कोरिया बैकुण्ठपुर/कोरिया : पत्रकार दो संगठनों में विभाजन, तनाव की स्थिति ?………..

बैकुण्ठपुर/कोरिया : पत्रकार दो संगठनों में विभाजन, तनाव की स्थिति ?………..

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बैकुण्ठपुर जिला मुख्यालय लगभग 30 किमी रेंज पर फेला हुआ है। इसमें भी पत्रकारों के संगठन अलग-अलग बने हुए हैं, जो अधिकारियों को प्रभावित करने के लिए काम करते हैं। इस बात पर गौर करते हुए और जानकारी प्राप्त करने के लिए वशिष्ठ टाइम्स के संपादक ने एक नई पीढ़ी के पत्रकार से जानने की कोशिश की, तब उस पत्रकार ने संगठन का महत्व समझाते हुए कहा कि, पत्रकारिता में अपराधी तत्व भी हो सकते हैं, लेकिन संगठन की ताकत देखकर अधिकारी अक्सर डर जाते हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि अधिकारी ऐसे लोगों से डरते हैं जो अपराधियों और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के साथ जुड़े होते हैं। संगठन की भीड़ देखकर अधिकारी वसूली के लिए भी तैयार हो जाते हैं। क्योंकि संगठन को देखकर वसूली भी अच्छी होती है।

लोगों में चर्चा है कि, कुछ मनचले पत्रकारों पर आरोप है कि उन्होंने सोनहत रेंज में पदस्थ रेंजर आरपी पांडेय की जमीन को एक साहूकार को शराब पिलाकर जबरन लिखवा लिया। ऐसे लोगों के कारण परिवार बर्बाद होते हैं और इसका खामियाजा उस परिवार के निर्दोष बच्चों को भुगतना पड़ता है। यह एक गंभीर मुद्दा है जिस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

मिली जानकारी के अनुसार, कुछ संगठन और समूह सोसाइटी एक्ट के तहत पंजीकृत होते हैं, लेकिन वे इसका दुरुपयोग करके वसूली करते हैं और प्रशासन पर दबाव डालकर मनमाने तरीके से जमीन के पट्टे और लीज हासिल करते हैं। ऐसे लोगों को प्रशासन का संरक्षण मिलता है, जो पत्रकारिता के नाम पर अवैध गतिविधियों में शामिल होते हैं। और जिनको कोई भी बिजनेस व काम न मिले तो वह पत्रकारिता में आ जाते है। जिनको कोई कद्र नहीं करता उनको अधिकारी कद्र करते है। पूरे दिन वसूलते है और शाम को दारू, मीट और मटन खीचते है। यह कौन सा पत्रकारिता का परिभाषा है ? और जो पैसा नहीं देता उनके बारे में उनके विरूद्ध न्यूज छापते है। यहां तक कि, ऐसे भी कुछ लोग है जो राजनितिक में स्वार्थ के लिए संबंध बनाये हुए है। यह समाचार प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रकाशित किया जा रहा है।

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