चिरमिरी नगर निगम के आयुक्त पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप हैं कि वे अपने निवास से कार्यालय का कामकाज चलाते हैं। बताया जा रहा है कि, ठेकेदार और दलाल आयुक्त के निवास पर आते हैं। और ठेकेदारों के साथ सांठगांठ कर फर्जी बिलों के माध्यम से शासकीय राशि का दुरुपयोग करते हैं। वहीं चिरमिरी नगर निगम में भ्रष्टाचार चरम पर है। क्योंकि यहां करोड़ो रूपयों की हेरा-फेरी किया गया है। जिससे निगम की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है ।
लोगों का कहना है कि, वे बिल बुक किसी न किसी के नाम पर मंगाकर रख लेते हैं और बिल काटकर पैसा निकाल लेते हैं। लोगों ने मांग की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और निगम के भ्रष्टाचार की जांच कराएं। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए । नही मालूम कि आयुक्त पर किस नेता का छत्रछाया है ? जो कि निगम के कार्यालय को छोड़कर अपने निवास से सभी कार्यों को पूरा कर रहे है। इसकी विस्तार से जानकारी आगे दी जायेगी। यह समाचार प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रकाशित किया जा रहा है।



