जिला मुख्यालय बैकुंठपुर की स्थिति बहुत खराब है, खासकर पोस्ट ऑफिस की सेवाएं बहुत ही नकारात्मक हैं। पोस्ट ऑफिस में आम जनता के लिए टिकट नहीं मिलते और रजिस्ट्री कराने पर रसीद नहीं दी जाती। यह स्थिति बहुत ही दयनीय है और जनता के साथ दोहन हो रहा है। अक्सर देखा जा रहा है कि, पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी अनियमित समय पर आते हैं और कभी-कभी तो वे 11 से 12 बजे के बीच में आते हैं। उनके काम के घंटे भी अनियमित हैं और वे दोपहर के भोजन के बाद 3 बजे बैठते हैं। इससे जनता को अपने काम के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है और उनकी समस्याएं बढ़ जाती हैं। वहीं बैकुंठपुर से जो डाक बाहर जाती है, वह डाकघर में ही 4-5 दिन तक पड़ी रहती है। इससे डाक की डिलीवरी में देरी होती है और जनता को अपने पत्र और पैकेज प्राप्त करने में परेशानी होती है। यहां तक कि, पोस्ट ऑफिस के अधिकारी कहते हैं कि डाक रजिस्ट्री बंद होने वाली है और स्पीड पोस्ट शुरू होने वाली है, जिसमें अधिक खर्चा आएगा। लेकिन सवाल यह है कि बैकुंठपुर से रायपुर तक डाक पहुंचने में 4 दिन लगते हैं तो क्या स्पीड पोस्ट में डाक 2 दिन में पहुंच पाएगी ?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैकुंठपुर से पोस्ट रजिस्ट्रेशन की स्थिति बहुत खराब है, जहां डाक भेजने के बाद भी वह पहुंचता नहीं है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या पोस्ट ऑफिस और प्राइवेट कोरियर सेवाओं के बीच कोई संबंध है, जिससे शासकीय सुविधाएं वंचित की जा रही हैं।
वहीं बैकुंठपुर से भेजी गई डाक अक्सर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचती, जिससे आम जनता को परेशानी होती है। इससे पोस्ट ऑफिस की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं और लोगों को लगता है कि उनकी डाक सुरक्षित नहीं है। और पोस्ट ऑफिस की इस अविश्वसनीयता के कारण लोग प्राइवेट कोरियर सेवाओं की ओर रुख कर रहे हैं। क्योंकि जब आम जनता को पोस्ट ऑफिस से सुविधा नहीं मिलती है, तो वे प्राइवेट कोरियर सेवाओं का सहयोग लेने के लिए मजबूर होते हैं। इससे पोस्ट ऑफिस की स्थिति और भी खराब हो सकती है, क्योंकि लोग उनकी सेवाओं से असंतुष्ट हैं। लोगों का कहना है कि, पोस्ट ऑफिस को अपनी डाक वितरण प्रणाली में सुधार करना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि डाक सुरक्षित और समय पर पहुंचे। यह समाचार आम जनता के विचारधाराओं द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है।


