बैकुंठपुर मुख्यालय में पीजी कॉलेज की पूर्व जमीन कब्जा पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लिए आबंटन आम जनता को रास नहीं आ रहा है। क्योंकि पीजी कॉलेज की कुछ कक्षाएं बढ़ने से जमीन की कमी हो सकती है। वहीं पूर्व में यह जमीन पीजी कॉलेज के नाम से हस्तांतरण होना बाकी था। जो कि पीजी कॉलेज की जमीन का आबंटन पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लिए किया गया है जो आम जनता के लिए चिंता का विषय है। लोगों का कहना है कि, पूर्व के सेवानिवृत्त प्राचार्य द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने के कारण आज यह जमीन पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लिए आबंटित हो गई है। और वर्तमान प्राचार्य ने उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर इस मामले में ध्यान देने का अनुरोध किया है।
लोगों का कहना है कि, वर्तमान विधायक को सोचना चाहिए कि बच्चों की संख्या बढ़ने पर महाविद्यालय के लिए जमीन कहां से मिलेगी, क्योंकि पीजी कॉलेज की जमीन का आबंटन पुलिस अधीक्षक कार्यालय के लिए किया गया है। यह एक जिम्मेदार पद है और विधायक को अपने क्षेत्र के विकास और शिक्षा के लिए सोचना चाहिए। और अपने क्षेत्र के लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए काम करना चाहिए। यहां तक कि, विधायक को अपने सलाहकारों के साथ मिलकर इस मामले में निर्णय लेना चाहिए और अपने क्षेत्र के लोगों के हितों की रक्षा करनी चाहिए। परंतु जो भी विधायक के आसपास के स्वार्थी जीभ है वह भी जिला का भला न सोचकर अपना ही भला सोच रहे है।
अब सोचने वाली बात है कि, भारत के संविधान में ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि विधायक प्रतिनिधि होना अनिवार्य है, लेकिन विधायक जी चना मुर्रा की तरह विधायक प्रतिनिधि बनाए पड़े हैं। यह समाज के लिए घातक है और केवल स्वार्थ सिद्ध करने के लिए राजनीति हो रही है। वहीं विधायक प्रतिनिधि की भूमिका क्षेत्र के विकास और लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए होनी चाहिए। लेकिन वर्तमान में विधायक प्रतिनिधि केवल अपने स्वार्थ को पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं। यह स्थिति क्षेत्र के विकास के लिए हानिकारक है और लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है। यहां तक कि, बैकुंठपुर में विकास के नाम पर केवल स्वार्थ सिद्ध करने के लिए काम हो रहा है। लोगों में चर्चा है कि, अयोध्यावासी धर्मशाला के लिए मंजूरी लगभग 9 लाख 93 हजार रुपये की स्वीकृति देना एक बड़ा सवाल है। क्योंकि अयोध्यावासी धर्मशाला पहले से ही होने के बावजूद क्यो बनाया जा रहा है ? बैकुंठपुर जिले में जब इस समाज को ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है तो बैकुंठपुर की जगह अयोध्यावासी नगर बना दिया जाए। आम जनता कोरिया जिले में ऐसे लोगों को पसंद नहीं करेगी जो अपने हित में कार्य करा रहे हैं। लोगों को लगता है कि विधायक प्रतिनिधि केवल अपने स्वार्थ को पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं। ये सभी बिन्दुऐं आम जनता के विचारधाराओं द्वारा “प्रकाशित” किया जा रहा है।


