जिला मुख्यालय के जिला चिकित्सालय में डाॅक्टरों द्वारा मरीजों के प्रति दूरव्यवहार को लेकर सुर्खियों पर चर्चाऐं चल रही है। जानकार सूत्र बताते है कि, यहां बीमार व्यक्तियों के साथ सही व्यवहार नहीं किया जाता है। जब बीमार व्यक्ति किसी डॉक्टर को दिखाने की बात करते है, तो गौतम पैकरा द्वारा कहा जाता है कि ‘‘आप उसी डॉक्टर को दिखाइए”। जब बीमार व्यक्ति कहता है कि वह डॉक्टर रायपुर गए हुए हैं, तो गौतम द्वारा कहा जाता है कि “उनके आने के बाद दिखाना’’। ऐसा मालूम पड़ता है कि गौतम पैकरा के बल पर पूरा छत्तीसगढ़ शासन चल रहा है। जो कि पीड़ित मरीज को एक बार देख नहीं सकते। बताया जा रहा है कि, गौतम पैकरा द्वारा अस्पताल के बगल में अपना अस्पताल खोलकर लोगों को भड़काकर अपने अस्पताल में ले जाया जा रहा है। ऐसा लगता है कि पैकरा जी ने स्वास्थ्य विभाग को ही खरीद लिया है। कुछ लोगों का कहना है कि, डॉक्टरों को एक इंसानियत के रूप में व्यवहार करना चाहिए, लेकिन मरीजों के साथ डॉक्टरों का दूरव्यवहार देखा जा रहा है। ऐसा लगता है कि नेताओं का सभी डॉक्टरों पर आशीर्वाद है, जिससे वे मनमानी कर रहे हैं। यहां तक कि, सीएमएचओ की लापरवाही भी इसमें संलिप्त है, जिससे डॉक्टरों की मनमानी पर कोई अंकुश नहीं लग पा रहा है। सीएमएचओ को चाहिए कि वे डॉक्टरों की गतिविधियों पर निगरानी रखें और मरीजों के हित में काम करें।

लोगों में चर्चाऐं है कि, डॉक्टरों का मरीजों के साथ ऐसा दूरव्यवहार करना बिल्कुल सही नहीं है, जैसे कि मरीज उनके लिए बोझ हों। डॉक्टरों को थोड़ी सी इंसानियत दिखानी चाहिए, न कि हैवानियत। डॉक्टर भगवान का रूप होते हैं, लेकिन मरीजों के साथ दूरव्यवहार करना और दुखी व्यक्ति को और प्रताड़ित करना न्यायसंगत नहीं है।
बैकुण्ठपुर में कोरिया कलेक्टर महोदया जी को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए और डॉक्टरों के व्यवहार की जांच करनी चाहिए। कलेक्टर को सुनिश्चित करना चाहिए कि डॉक्टर मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार करें और उनकी जरूरतों का ध्यान रखें। वहीं जिला चिकित्सालय में कोई भी पद रिक्त नहीं है तो अपने रिस्तेदारों और पहचान वालों को कैसे काम में रखा जा रहा है ? इसकी भी जांच होनी चाहिए। यह सोचने वाली बात है कि किसके साथ दूरव्यवहार किया जा रहा है और क्यों ? इस समाचार से पता चलता है कि डॉक्टरों के व्यवहार में सुधार की आवश्यकता है। यह समाचार आम जनता के विचारधाराओं द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है।


