कबीरधाम जिले के सबसे बड़े शासकीय आचार्य पंथ गंध मुनि नाम साहेब स्नातकोत्तर महाविद्यालय कवर्धा में करोड़ों रुपए के गबन प्रकरण में एक अहम कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी प्रमोद कुमार वर्मा को गिरफ्तार किया है। ये कॉलेज में पूर्व में सहायक ग्रेड-2 (बाबू) था। आरोपी को विधिसम्मत न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।
कबीरधाम एएसपी पुष्पेंद्र बघेल ने बताया कि, कॉलेज प्रबंधन व जनभागीदारी समिति अध्यक्ष रिंकेश वैष्णव की शिकायत पर कॉलेज संचालन में गंभीर वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर 21 मई को थाना कवर्धा में धारा 316(5) के तहत प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज की गई थी। प्रारंभिक जांच में जनभागीदारी मद से संबंधित 28 लाख 32 हजार 407 रुपए की राशि का गबन सामने आया था। इसके पश्चात उच्च शिक्षा विभाग द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने पर संपूर्ण गबन की राशि बढ़कर ₹1,22,59,125 प्रमाणित हुई। रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकी में संशोधन कर आगे की विवेचना विस्तृत रूप से की गई। रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकी में संशोधन कर आगे की विवेचना विस्तृत रूप से की गई। जांच के दौरान पाया गया कि 1 एक 13 लाख 28 हजार 570 रुपए बैंक और खजाने में जमा नहीं की गई। 24 लाख 81 हजार 805 स्ववित्तीय मद से संबंधित राशि कम जमा की गई। 2 लाख 20 हजार रुपए बिजली बिल के नाम पर निकाले गए, लेकिन भुगतान नहीं किया। 9 लाख 40 हजार 555 रुपए मोबाइल बिल, ऑडिटोरियम किराया एवं अन्य मदों में अनियमित ढंग से उपयोग की गई।
निलंबित हो चुका प्रमोद वर्मा
प्रशासनिक जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कई महत्वपूर्ण लेखा दस्तावेज जानबूझकर छिपाए गए, जिनमें से कुछ कॉलेज की अलमारी से और कुछ आरोपी के निवास स्थान से जब्त किए गए। आरोपी प्रमोद वर्मा ने स्वयं यह स्वीकार किया कि कॉलेज से संबंधित कुछ मूल रिकॉर्ड उसके पास घर पर सुरक्षित रखे थे, जिन्हें बाद में लौटाया गया। पूर्व में आरोपी को शासन द्वारा निलंबित किया जा चुका है। अब अपराध प्रमाणित होने और दस्तावेजों के संकलन के बाद, विधिसम्मत गिरफ्तारी कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से आरोपी को जेल भेजा गया है।



