रायपुर में पुलिस की बर्बरता का मामला सामने आया है, जहां धरना प्रदर्शन कर रहे दिव्यांगों के साथ पुलिस ने कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया। महिला पुलिसकर्मियों ने दिव्यांग महिलाओं को जबरन सड़क पर उठाकर फेंका और उन्हें घसीटते हुए धरना स्थल से बाहर किया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बुधवार को विधानसभा घेराव करने निकले दिव्यांगों को पुलिस ने बलपूर्वक रोका और उन्हें गाड़ी में डालकर नवा रायपुर स्थित तूता धरनास्थल ले गई। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि पुलिस महिलाओं और पुरुषों को कैसे घसीटकर धरना स्थल से हटा रही है। मामला रायपुर में बस स्टैंड के पास का है। यहां 6 सूत्रीय मांगों को लेकर दिव्यांग संघ के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले भी वे अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर चुके थे और सरकार ने उन्हें भरोसा दिया था कि उनकी मांगों पर जल्द ही विचार किया जाएगा। हालांकि, अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण उन्होंने फिर से आंदोलन करने का फैसला किया।

दिव्यांगों की मांगें
. फर्जी प्रमाणपत्र बर्खास्तगी – फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र के जरिए सरकारी नौकरी पाने वालों की बर्खास्तगी।
. आरक्षण और पेंशन – दिव्यांग कोटे के बैकलॉग पदों पर विशेष भर्ती अभियान और दिव्यांग पेंशन बढ़ाना।
. बीपीएल अनिवार्यता समाप्त – पेंशन के लिए बीपीएल कार्ड की अनिवार्यता समाप्त करना।
. महतारी वंदन योजना – 21 वर्ष से अधिक अविवाहित दिव्यांग महिलाओं को महतारी वंदन योजना में शामिल करना।
. पदोन्नति आरक्षण – दिव्यांगों के लिए 3% पदोन्नति आरक्षण के पालन हेतु शासन द्वारा परिपत्र जारी करना।
. दिव्यांगों का पेंशन बढ़ाकर हर महीने 5000 रुपये किया जाए।



