जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर के जिला जेल बैकुण्ठपुर में भ्रष्टाचार और कैदियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लग रहे हैं। जानकार सूत्रों के मुताबिक, जेल के कर्मचारी कैदियों के खाने के सामान और सब्जी को भी बंदरबांट करते हैं और कैदियों से उनके परिजनों से मिलने के लिए पैसे लेते हैं। वहीं प्रभारी जेल अधीक्षक की भूमिका जेल के प्रशासन और कैदियों की देखभाल करना है, लेकिन वे शिकायत सुनने को तैयार ही नहीं हैं और अपर कलेक्टर को जिम्मेदार ठहराते हैं। बताया जाता है कि, जब उच्च अधिकारी जांच के लिए आते हैं तो जेल में साफ-सफाई और खाने की व्यवस्था अच्छी कर दी जाती है, लेकिन आम तौर पर जेल की व्यवस्था शून्य होती है। जैसे की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कलेक्टर और एसपी ने जिला जेल का निरीक्षण किया था, जिसमें बंदियों के अधिकारों और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली गई थी। परंतु दिखाने मात्र के लिए सब कुछ अच्छा रखा गया था। वास्तविक्ता से इसका कोई संबंध नहीं है कि, जिला जेल में सब कुछ ठीक है।

इसी प्रकार मिली जानकारी के अनुसार, चरचा थाना में थाना प्रभारी के वाहन पर नंबर प्लेट नहीं होने और “थाना प्रभारी चरचा” लिखा होने से कई सवाल उठते हैं। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट सभी वाहनों के लिए अनिवार्य है, चाहे वह सरकारी हों या निजी। यह नियम वाहनों की पहचान और सुरक्षा के लिए है। वहीं लोगों का कहना है कि, जब न्याय की बात करने वाला ही अन्याय कर रहा है तो सवाल कौन उठाये।

मिली जानकारी के अनुसार, बैकुण्ठपुर सिटी कोतवाली के पुलिस वाले भी बिना नंबर प्लेट के बुलेट चलाते दिखे जा रहे है। जिसमें कोरिया जिले में पुलिस वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं होने और “पुलिस” लिखा होने के मामले में जांच और कार्रवाई की आवश्यकता है। क्या छत्तीसगढ़ शासन को प्राइवेट वाहनों में पुलिस लिखने का अधिकार है ? ऐसी बहुत से वाहन मिलेंगे जो कि नंबर प्लेट की जगह उनके पद का नाम उल्लेख है। ऐसे कारनामों पर कोरिया कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक कार्यवाही करें।

इसी प्रकार वीडियों में साफ देखा जा रहा है कि, यातायात विभाग का कर्मचारी एक ट्रक को रोककर उस पर चढ़कर पीट रहा है। जिसमें बैकुण्ठपुर यातायात विभाग की गुंडागर्दी और दादागिरी दिख रही हैं। जो कि यातायात विभाग के कर्मचारियों द्वारा आम जनता से पैसा वसूलने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप हैं। यातायात विभाग की जिम्मेदारी है कि, यातायात को सुचारु रूप से चलाना और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना। लेकिन यातायात विभाग के कर्मचारी अपने वर्दी का रौब दिखाकर आम जनता के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं। जिससे आम जनता यातायात विभाग के इस व्यवहार से त्रस्त हो चुकी है। जो कि इस मामले में जिम्मेदारी तय करना और कार्रवाई करना आवश्यक है। यदि यातायात विभाग के कर्मचारी आम जनता के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई करना आवश्यक है। आम जनता को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले में जांच करेगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा। साथ ही यातायात विभाग को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और आम जनता के साथ अच्छा व्यवहार करना होगा।


