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बैकुण्ठपुर/कोरिया : जनता की उम्मीदों पर ताला, शहरी रेलवे आरक्षण केंद्र बना वीरान घर, लोग कहां जायें ?………………

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बैकुंठपुर नेता प्रतिपक्ष अन्नपूर्णा प्रभाकर सिंह ने कहा कि, शहर में लंबे समय से बंद पड़े रेलवे शहरी आरक्षण केंद्र की स्थिति बहुत खराब है। कभी जिस आरक्षण केंद्र के खुलने पर बैकुंठपुर के लोगों ने राहत की सांस ली थी आज वही केंद्र वीरान पड़ा है। अन्नपूर्णा प्रभाकर सिंह ने कहा कि आरक्षण केंद्र के गेट पर ताला लगा हुआ है और अंदर सन्नाटा पसरा हुआ है। इससे पता चलता है कि केंद्र पूरी तरह से बंद है और यात्रियों को कोई सुविधा नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि बाहर लोग टिकट की उम्मीद में खड़े हैं, लेकिन उनकी उम्मीदें धूमिल हो रही हैं। और यात्रियों को आरक्षण केंद्र के बंद होने से परेशानी हो रही है।

अन्नपूर्णा प्रभाकर सिंह ने कहा कि, यह केंद्र चर्चा रेलवे स्टेशन के 12 किलोमीटर लंबे सफर से निजात दिलाने के उद्देश्य से खोला गया था। इससे यात्रियों को सुविधा मिल रही थी और वे आसानी से अपने टिकट बुक कर सकते थे। लेकिन अब इसे बिना किसी सूचना या कारण बताए बंद कर दिया गया है। इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है और वे अपने टिकट बुक नहीं कर पा रहे हैं। न रेलवे विभाग ने कोई कारण बताया, न वैकल्पिक व्यवस्था की गई। इससे पता चलता है कि रेलवे विभाग अपनी जिम्मेदारी को सही तरीके से नहीं निभा रहा है। और ना समय की कद्र रही, ना जेब की बचत। जो कि रेलवे विभाग यात्रियों के समय और पैसे की बचत की अनदेखी कर रहा है। ऊपर से अफसरों की चुप्पी! क्योंकि अफसर अपनी जिम्मेदारी को सही तरीके से नहीं निभा रहे हैं और यात्रियों की समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जहां पहले टिकट बुकिंग में 10 मिनट लगते थे, अब आधा दिन खर्च हो जाता है। किराया अलग, धूप.पसीना अलग और परेशानी अपनी जगह। इससे पता चलता है कि शहरी रेलवे आरक्षण केंद्र के बंद होने से लोगों को बहुत परेशानी हो रही है।

अन्नपूर्णा प्रभाकर सिंह ने कलेक्टर कोरिया और मंडल रेल प्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल छत्तीसगढ़ से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह सुविधा हर वर्ग के लिए अत्यंत जरूरी थी, जिसमें महिलाएं, बुजुर्ग, छात्र और व्यापारी सभी को इसका सीधा लाभ मिल रहा था। अब वह सुविधा अचानक बंद कर दी गई है जिससे जनता असहाय महसूस कर रही है। यहां तक कि, शहरी रेलवे आरक्षण केंद्र के बंद होने से लोगों को बहुत परेशानी हो रही है और वे अपनी दैनिक गतिविधियों में बाधा का सामना कर रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष अन्नपूर्णा प्रभाकर सिंह ने मांग की है कि कर्मचारियों की स्थाई तैनाती की जाए, जिससे सेवा स्थायी रूप से जारी रह सके। साथ ही नेता प्रतिपक्ष शहरी रेलवे आरक्षण केंद्र की सेवाओं को स्थायी और विश्वसनीय बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी मांग की है कि संचालन का स्पष्ट समय निर्धारित किया जाए, ताकि लोगों को भ्रम की स्थिति न हो। जो कि नेता प्रतिपक्ष लोगों को सुविधा प्रदान करने के लिए प्रशासन को स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से काम करने के लिए कह रहे हैं।

जनता पूछ रही है कि क्या हम शहर में रहकर भी गांव जैसी सुविधाओं को तरसेंगे ? क्या हमारी छोटी-छोटी जरूरतें प्रशासन की उदासीनता के नीचे दबती रहेंगी ? यहां तक कि जनता अपनी समस्याओं को लेकर बहुत चिंतित है और प्रशासन से न्याय की अपेक्षा कर रही है।

नेता प्रतिपक्ष अन्नपूर्णा प्रभाकर सिंह ने प्रशासन से सीधा सवाल किया है कि रेलवे की पटरियों पर तो ट्रेनें दौड़ रही हैं, तो फिर बैकुंठपुर शहर की उम्मीदों पर ताला क्यों पड़ा है ? और नेता प्रतिपक्ष प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए कह रहे हैं और लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। अब प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी और लोगों की समस्याओं का समाधान करना होगा। साथ ही प्रशासन को अपनी भूमिका को समझना होगा और लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए काम करना होगा।

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