जिला मुख्यालय नगर पालिका में भ्रष्टाचार की चर्चाऐं जोरो पर चल रही है। जानकार सूत्र बताते है कि, नगर पालिका में कुछ लोगों को वीडियो बनाने के लिए रखा गया है जो खाली झूठी अफवाहें फैला रहे हैं। इससे नगर की स्थिति खराब हो रही है और लोगों में भ्रम फैल रहा है। वहीं पार्षदों का रवैया भी ठेकेदारों के साथ लिप्त होने का आरोप है। इससे विकास कार्यों में अनियमितता की संभावना बढ़ गई है और नगर के हितों की अनदेखी हो रही है। बताया जा रहा है कि, सीएमओ और इंजीनियर नगर पालिका अध्यक्षपति के इशारे पर चल रहे हैं। इससे प्रशासन में पारदर्शिता की कमी हो रही है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। नगर पालिका का कारोबार अपने रिश्तेदारों और जातिवाद के आधार पर कराया जा रहा है। इससे योग्यता और क्षमता की अनदेखी हो रही है और नगर के विकास में बाधा आ रही है। बाईसागर तालाब में नाली बनवाने के लिए कई बार अध्यक्ष, सीओ और इंजीनियरों से अनुरोध किया गया, लेकिन अभी तक नाली नहीं बनाया गया है। इससे स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है और नगर की स्वच्छता प्रभावित हो रही है। यह एक नगर पालिका का तानाषाही कहा जाये तो गलत नहीं होगा। पार्षद अपने घर के सामने और पीछे नाली बनवा रहे हैं, लेकिन आम नागरिकों की समस्याओं को अनदेखा कर रहे हैं। इससे नगर में असमानता की भावना बढ़ रही है। अध्यक्ष और पार्षदों के दरवाजे साफ-सुथरे मिलेंगे, क्योंकि वहां सुबह-शाम झाड़ू लगाए जाते हैं। इससे पता चलता है कि वे अपने क्षेत्र की सफाई पर ध्यान देते हैं, लेकिन आम नागरिकों की समस्याओं को नजरअंदाज करते हैं। वहीं आवेदक को इंजीनियर ने नाली बनाने के लिए पैसा देने को कहा था, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी आवेदक को पैसा नहीं दिया गया है। और आवेदक को नाली बनवाने के लिए पैसा नहीं मिलने से परेशानी हो रही है। इससे पता चलता है कि नगर पालिका में आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
अध्यक्ष और पार्षदों की पार्टनरशिप ?
जानकार सूत्र बताते हैं कि अध्यक्ष और पार्षद मिलकर निर्माण कार्य के लिए काम दे रहे हैं। सीमेंट और रॉड की सप्लाई पूरी तरह से अध्यक्ष के घर से हो रही है। वहीं बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता मिलकर नगर पालिका का घटिया निर्माण कार्य कर रहे हैं। जिससे राजनीतिक दलों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। और पार्षदों के पति-पत्नी दोनों मिलकर नगर पालिका के घटिया निर्माण कार्य कर रहे हैं। इससे पता चलता है कि वे अनुभवहीन हैं और उनके पास आवश्यक कौशल नहीं है। तथा प्रेमाबाग में गुरुद्वारा के समीप जो नाली बनाई जा रही है, वह गुणवत्ताविहीन है। जो कि नगर पालिका में निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि इंजीनियर घटिया निर्माण को भी ओके कर रहा है और इंजीनियर अपनी भूमिका को सही तरीके से नहीं निभा रहे हैं।
कोरिया कलेक्टर से मांग की जा रही है कि बैकुण्ठपुर की जनता के लिए नगर पालिका के घटिया निर्माण की जांच किसी अन्य विभाग से कराई जाए। इससे पता चलता है कि लोगों को नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भरोसा नहीं है। यहां तक कि, लोगों का आरोप है कि 500 रुपये देकर किसी को भी नगर पालिका का फेवर मिल सकता है। और नियमों की धज्जियां उड़ाकर झूठी तारीफे लिखे जा रहे है। यह समाचार आम जनता के विचाराधाराओं द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है।


