नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में उगने वाला डेंगूर फूटू मशरूम बाजार में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस मशरूम की मांग न केवल छत्तीसगढ़ में है, बल्कि मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी है। इसकी कीमत 1500 से 2000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, जो इसे छत्तीसगढ़ की सबसे महंगी सब्जियों में से एक बनाती है।
डेंगूर फूटू की विशेषताएं
01. पोषक तत्वों से भरपूर – यह मशरूम 40-50 प्रतिषत तक प्रोटीन से भरा होता है, जिसमें विटामिन बी, फाइबर, आयरन, सेलेनियम और एंटीऑक्सिडेंट्स की भरपूर मात्रा होती है।
02. स्वास्थ्यवर्धक – यह पाचन क्रिया बेहतर करने, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और वजन नियंत्रित रखने में सहायक माना जाता है।
03. सांस्कृतिक महत्व – अबूझमाड़ के आदिवासी समाज में डेंगूर फूटू सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है।
बाजार में मांग
शनिवार को नारायणपुर के डेली मार्केट में डेंगूर फूटू की भारी आवक देखी गई, जिससे बाजार में जबरदस्त चहल पहल रही। हालांकि, आदिवासी इसे जंगल से लाकर मात्र 200-400 रुपये किलो में बेचते हैं, जबकि स्थानीय बिचौलिये और व्यापारी इसका भरपूर लाभ उठाते हैं।
कैसे उगता है यह मशरूम
डेंगूर फूटू केवल मानसून की शुरुआती बारिश के दौरान उगता है। बादल की गड़गड़ाहट या तेज बारिश के तुरंत बाद भूमि को फाड़कर ऊपर आता है। इसका जीवनचक्र बेहद सीमित (2 से 3 सप्ताह) का होता है, जिससे इसकी खपत और मांग दोनों ज्यादा रहती है। काफी महंगे दामों पर ये बिकता है ।
डेंगूर फूटू से जुड़ी बातें और खाने से पहले सावधानी
01. इसे बस्तर में स्थानीय बोली में फूटू कहते हैं।
02. यह जमीन पर उगने वाले कई प्रकार के फुटु (मशरूम) में से एक हैए जैसे पान फुटुए हराडूला फुटु भी कहते हैं।
03. डेंगूर फुटू को सबसे अच्छा और स्वादिष्ट माना जाता हैए खासकर जब यह दीमक की बाम्बी के आसपास उगता है।
04. इसे कई प्रकार से पकाकर खाया जाता हैए और यह एक लोकप्रिय खाद्य पदार्थ है।
सावधानी जरुर बरतें
छत्तीसगढ़ में कई प्रकार के मशरूम उगते हैंए जिनमें से कुछ जहरीले भी हो सकते हैं, इसलिए खाने के लिए केवल उन्हीं को चुनें जिनके बारे में पूरी जानकारी हो या जिनकी पहचान सुनिश्चित हो।



