जिला कोरिया के ब्लाॅक सोनहत में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर दांतों के डॉक्टर आरपी सिंह के इस्तीफे की मंजूरी पर सवाल उठने से हड़कंप मच गया है। आरोप है कि, उनका इस्तीफा किसी दबाव में आकर मंजूर किया गया है। वहीं डॉक्टर आरपी सिंह एक अनुभवी डॉक्टर हैं और उनके पास स्वास्थ्य सेवाओं का अच्छा अनुभव है। वे कोरिया जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए काम कर रहे थे।
डाॅ. आरपी सिंह ने बताया कि, उन्होंने दबाव में आकर इस्तीफा दिया था, जिसमें उन्हें भयभीत और धमकी का सामना करना पड़ा था। उन्होंने अपने त्याग पत्र में उस व्यक्ति का नाम उल्लेख किया है जिसने उन्हें धमकी दी थी। जानकार सूत्र बताते हैं कि कलेक्टर ने दबाव में आकर डाॅ. आरपी सिंह का इस्तीफा मंजूर किया था। अब सवाल उठ रहा है कि, क्या कलेक्टर, सांसद या विधायक के दबाव में आकर ऐसे कदम उठा सकते हैं ? यह जिले के लिए चिंताजनक बात है और कलेक्टर को इसका समाधान करना चाहिए था। यह मामला जिले के लिए चिंताजनक है क्योंकि इसमें कलेक्टर की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। कलेक्टर को जिले के सर्वोच्च अधिकारी के रूप में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करना चाहिए था।
मिली जानकारी के अनुसार, सोनहत क्षेत्र में डाॅ. आरपी सिंह के इस्तीफे के बाद अब लोगों की निगाहें नए दांतों के डाॅक्टर की पोस्टिंग पर टिकी हुई हैं। लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य मंत्री दबाव में आकर जातिवाद का जहर घोल रहे हैं। उनका कहना है कि यदि डाॅक्टर बैकुण्ठपुर में पढ़कर कोरिया जिले में नौकरी करेंगे तो वे जिले के लिए हानिकारक साबित होंगे। साथ ही लोगों का मानना है कि जब तक कलेक्टर दबाव में रहेंगे, समस्या का समाधान नहीं हो सकता। उनका कहना है कि यह एक मामला नहीं है, बल्कि बैकुण्ठपुर में ऐसे कई मामले हैं जो दबाव में निर्णय किए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे और न्याय की मांग करेंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और नए डाॅक्टर की पोस्टिंग से लोगों की समस्याएं कितनी दूर होती हैं। यह समाचार सोनहत आम जनता के विचारधाराओं द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है।


