सूरजपुर जिला मुख्यालय के नजदीक रामानुजनगर में विकासखंड शिक्षा अधिकारी का पद खाली होने के बावजूद, जाकार सूत्र बताते है कि, वहां के बाबू लोग अपनी मनमानी से पैसा निकाल रहे हैं। यह स्थिति तब का है जब विकासखंड शिक्षा अधिकारी का पदस्थापन कहीं और हो चुका है, लेकिन बाबू लोग अपने तरीके से काम कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि, विकासखंड शिक्षा अधिकारी पंडित भरतद्वाज का स्थानांतरण रामानुजगंज कर दिया गया है, लेकिन वे अपने कार्यालय में कभी आते है और कभी नहीं आते हैं ? लोगों में चर्चाऐं है कि, बाबू लोग अपने तरीके से पैसा निकाल रहे हैं और विकासखंड शिक्षा अधिकारी की अनुपस्थिति में भी अपने काम को जारी रखे हुए हैं। इससे यह सवाल उठता है कि, क्या बाबू लोग अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं ? यहीं नहीं विकासखंड शिक्षा अधिकारी पंडित भरतद्वाज अपने जिले के बयान देने में कतराते हुए दिखाई दे रहे हैं। क्या वे अपने जिले के बारे में कुछ छिपाने की कोशिश कर रहे हैं ?
मिली जानकारी के अनुसार, सूरजपुर में एक फर्जी नौकरी का मामला सामने आया है, जिसमें भ्रंगनाथ नामक व्यक्ति पर आरोप है कि वह उत्तर प्रदेश का निवासी होने के बावजूद सूरजपुर में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लगभग 10-15 वर्षों से नौकरी कर रहा है। भ्रंगनाथ का जाति प्रमाण पत्र सूरजपुर का बताया जा रहा है, साथ ही निवास प्रमाण पत्र बैकुण्ठपुर का बनवाया है जबकि वह यूपी का निवासी है। जो कि शिक्षा अधिकारी के पास उपलब्ध है। जब भ्रंगनाथ के फर्जी दस्तावेजों की जानकारी मांगी गई, तो शिक्षा अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की। यहां तक कि सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी भी नहीं दी गई। जानकार सूत्र बताते है कि, भ्रंगनाथ का नियुक्ति पूर्व षिक्षा अधिकारी द्वारा मोटी रकम से दी गई है। अब सवाल उठ रहा है कि, क्या सूरजपुर कलेक्टर और छत्तीसगढ़ शासन इस मामले में कार्रवाई करेंगे ?



