बैकुण्ठपुर मुख्यालय के नगर पालिका में भ्रष्टाचार की खबरें सामने आ रही हैं। जानकार सूत्र बताते है कि, नगर पालिका के सीएमओ और अध्यक्ष अपने परिवार और समाज के उत्थान में लगे हुए हैं और किसी की नहीं सुनते। लोगों में चर्चा है कि वे अपने परिवार, जाति समाज के लोगों को लाभ पहुंचाने में जुटे हुए हैं। बताया जा रहा है कि, नगर पालिका के निर्माण कार्यों में पार्षदों, अध्यक्ष और सीएमओ पर लाखों रुपये के घोटाले का आरोप है। लोगों का कहना है कि, सत्ता के दबाव में जितना लूटा जा सकता है, लूट लें। और यह लोग किसी की भी सुनने को तैयान नहीं। यहां तक कि, नगर पालिका के अधिकारी अपने रिश्तेदारों को बिना पैसे के पाइप लाइन कनेक्शन दिए जा रहे हैं। वहीं लोगों में चर्चाऐं है कि, कोरिया कलेक्टर पर भी दबाव की बात कही जा रही है, जिससे वे किसी की नहीं सुनते। कुछ लोग अपने आप को कलमकार बताकर झूठे आरोप भी लगा रहे हैं जिससे जिले का प्रशासन प्रभावित हो रहा है। साथ ही सुशासन तिहार आदेश की अवहेलना करना गंभीर बात है लेकिन भ्रष्टाचारियों के आगे क्या कहा जाये ?
मिली जानकारी के अनुसार, इन सभी समस्याओं को लेकर शिकायतकर्ता द्वारा लिखित शिकायत देने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे लोगों में आक्रोश है। जानकार सूत्रों का कहना है कि सीएमओ ने अपना स्थानांतरण के नाम पर पैसा देकर पद हासिल किया है, इसलिए उन्हें भी पैसा निकालना है। वहीं नगर पालिका के अधिकारी अपने समाज वालों को पूरा प्रोत्साहन दे रहे हैं, जबकि कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। और लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए तरह-तरह के उपाय अपनाए जा रहे हैं। तथा आवेदकों ने कोरिया कलेक्टर को नाली निर्माण के लिए शिकायत की थी, लेकिन घोटालेबाज ठेकेदार को लाभ पहुंचाया जा रहा है। लोगों को अपने पैसे से नाली निर्माण करना पड़ रहा है, जबकि नगर पालिका को केवल टैक्स से मतलब है। अभी हाल ही में नया नल कनेक्शन देने के बावजूद भी उसमें पानी नहीं आ रहा है, जिसकी शिकायत कोरिया कलेक्टर से की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्व चिरमिरी विधायक विनय जायसवाल का उदाहरण दिया जा रहा है, जिन्होंने अपने भाई को ठेकेदार बना दिया और करोड़ों का हेरा-फेरी किया। और समय आने पर जो चमचे विनय जायसवाल के साथ थे उनको छोड़कर अब वे वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री के साथ जुड़े हुए हैं जबकि उनके चमचे पूर्व में विनय जायसवाल के साथ जुड़े हुए थे। लोग कह रहे हैं कि राजनेता अपने समाज और परिवार को ही महत्व देते हैं और सरकारी पैसे का दोहन करते हैं। एक कहावत है कि राजनितिक एक व्यापार बनकर रह गया हैं और जनता को बेवकूफ बना रहे हैं। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि, जो दुर्दशा पूर्व विधायक विनय जायसवाल की हुई है वैसे ही बैकुण्ठपुर के नेताओं का होने वाला है।
वहीं बैकुण्ठपुर कलेक्टर से बार-बार निवेदन के बावजूद भ्रष्टाचारियों के बीच में ईमानदारी की एक नहीं चली। कलेक्टर महोदया का बोलना या लिखना सभी व्यर्थ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कैसे की जाती है ? जनता भी अब जागरूक हो रही है और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रही है। यह समाचार आम जनता के विचारधाराओं द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है।




