नरसिंहपुर : भारत सरकार द्वारा विकसित कृषि संकल्प अभियान का संचालन 29 मई से 12 जून 2025 तक किया जायेगा। इस अभियान में केन्द्रीय योजनाओं एवं मप्र सरकार की प्रमुख योजनाओं, कृषि वैज्ञानिकों द्वारा इजाद की गई नवीन/ उन्नत कृषि तकनीकियों तथा कृषकों द्वारा कृषि में किये जा रहे नवाचारों की जानकारी स्थानीय स्तर पर कृषि वैज्ञानिकों, विभागीय अधिकारियों, कृषि उद्यमी एवं प्रगतिशील कृषकों के द्वारा अन्य कृषकों को दिया जाना है। अभियान का शुभारंभ कार्यक्रम को गरिमामयी एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मंत्रीगण, सांसद, विधायकों व जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में किया जायेगा। जिला स्तर पर शुभारंभ कार्यक्रम/ मेला/ जिला स्तरीय फूड फेस्टीवल एवं समापन कार्यक्रम जिला स्तरीय कार्यशाला/ सेमीनार कृषि विज्ञान केन्द्र नरसिंहपुर में आयोजित किया जायेगा।
अभियान को सफल बनाने एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले ने विकासखंड स्तर पर 3 दलों का गठन किया है। विकासखंड गोटेगांव व चीचली के दल क्रमांक एक में वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र डॉ. आशुतोष शर्मा व डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, संबंधित वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी/कृषि विस्तार अधिकारी, संबंधित वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी/ ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी, विकासखंड पशु चिकित्सा अधिकारी, सहायक मत्स्य अधिकारी/ मत्स्य निरीक्षक, सहायक कृषि यंत्री व संबंधित जनपद पंचायत, सचिव व रोजगार को शामिल किया गया है।
विकासखंड नरसिंहपुर व करेली के दल क्रमांक दो में वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र डॉ. निधि प्रजापति एवं श्री विजय सिंह सूर्यवंशी, संबंधित वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी/कृषि विस्तार अधिकारी, संबंधित वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी/ ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी, विकासखंड पशु चिकित्सा अधिकारी, सहायक मत्स्य अधिकारी/ मत्स्य निरीक्षक, सहायक कृषि यंत्री व संबंधित जनपद पंचायत, सचिव व रोजगार को शामिल किया गया है।
विकासखंड चॉवरपाठा व सांईखेड़ा के दल क्रमांक तीन में वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र डॉ. एसआर शर्मा एवं वैज्ञानिक गन्ना अनुसंधान केंद्र श्री दिनेश, संबंधित वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी/कृषि विस्तार अधिकारी, संबंधित वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी/ ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी, विकासखंड पशु चिकित्सा अधिकारी, सहायक मत्स्य अधिकारी/ मत्स्य निरीक्षक, सहायक कृषि यंत्री व संबंधित जनपद पंचायत, सचिव व रोजगार को शामिल किया गया है।
अभियान के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों/ विशेषज्ञों के साथ कृषि अभियांत्रिकी, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग आदि के मैदानी अधिकारियों की अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जायेगी। जिले के प्रगतिशील/ उन्नतशील नवाचारी कृषकों को उक्त अभियान में शामिल किया जावेगा। खरीफ मौसम में उगाई जाने वाली प्रमुख फसलों से संबंधित आधुनिक/ उन्नत तकनीकी के बारे में किसानों को जागरुक किया जायेगा। किसानों के लिये उपयोगी विभिन्न सरकारी योजनाओं तथा नीतियों के बारे में किसानों को अवगत कराकर उन्हें जागरूक किया जायेगा। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड- एसएचसी में सुझायी गई विभिन्न फसलों के चयन तथा संतुलित खादों के प्रयोग के लिये जागरुक एवं शिक्षित किया जावे। किसानों से फीडबैक लेंगे, जिससे उनके द्वारा किये गये नवाचार- फार्मर इनोवेशन के बारे में वैज्ञानिक सीख सके एवं उसके अनुसार अनुसंधान की दिशा का निर्धारण किया जा सके। उन्नत तकनीकों नई किस्मों और सरकारी योजनाओं के बारे में किसानों के बीच जागरुकता फैलाई जायेगी।
प्राकृतिक खेती एवं फसल विधिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से व्यापक प्रचार- प्रसार किया जावे। कृषि ड्रोन प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन केव्हीकेआईसीए और संस्थान और इफ्को कृषि में ड्रोन प्रोद्यौगिकी के उपयोग पर प्रदर्शन किया जावे। धान की सीधी- बुवाई डीएसआर सोयाबीन की फसल में मशीनीकरण (राइज्ड एंड फ्यूरोएड प्रणाली, बीबीएफ आदि) जैसी अन्य उन्नत फसल तकनीकी का प्रचार- प्रसार किया जावे। कार्यक्रम के आयोजन के पूर्व इस संबंध में व्यापक प्रचार- प्रसार करें एवं अभियान में कृषकों को प्रशिक्षण करने के लिए आईसीटी एंड आडियो- विजुअल माध्यमों का प्रयोग किया जावे।



