छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में रेत माफियाओं का आतंक फिर से देखने को मिला है। जिले में रेत माफियाओं ने पटवारी और पत्रकार पर हमला कर अपनी दहशत का नया चेहरा दिखाया है। यह हमला उस वक्त हुआ जब पटवारी अवैध रेत भंडारण की सूचना पर जांच के लिए पहुंचे थे और स्थानीय पत्रकार इसकी कवरेज कर रहे थे। जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला पुरुर थाना क्षेत्र के ग्राम मरकाटोला का है, जहां अवैध रेत भंडारण की शिकायत पर पटवारी मौके पर जांच के लिए पहुंचे थे। उनके साथ स्थानीय पत्रकार भी कवरेज के लिए वहां मौजूद थे। इसी दौरान रेत माफिया और उनके गुर्गों ने मिलकर दोनों पर जानलेवा हमला कर दिया। पत्रकार की शिकायत के आधार पर पुरुर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस हमले का मुख्य आरोपी अभी फरार है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई हैं। इस हमले ने प्रशासन की गंभीरता और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लोगों का कहना है कि, रेत माफियाओं की दबंगई को रोकने के लिए प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। रेत माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने से ही क्षेत्र में शांति और सुव्यवस्था बहाल हो सकती है।
वहीं जिले के कई रेत घाटों में बिना अनुमति रेत का उत्खनन धड़ल्ले से जारी है। यह भी आरोप लगे हैं कि संबंधित विभागों की कार्रवाई केवल खानापूर्ति तक सीमित है, जिससे रेत माफियाओं के हौसले दिन-ब-दिन बुलंद होते जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि फरार मुख्य आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और मामले में सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।




