राजपुर : घोरघड़ी के कोरवापारा में बोर खनन को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि, बोर खनन के लिए चुने गए स्थान पर पहले से ही कोरवापारा की जगह थी, लेकिन अब इसे बदल दिया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें इस बदलाव की जानकारी नहीं दी गई और न ही उनसे इस संबंध में कोई चर्चा की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि, यह बदलाव ग्रामीणों के हितों के विरुद्ध है और इससे उनकी जमीन और संपत्ति को नुकसान होगा।
ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि, वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और ग्रामीणों के हितों की रक्षा करें। उन्होंने चेतावनी दी है कि, अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन करेंगे।
इस मामले में संबंधित अधिकारियों ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।
ग्रामीणों के आक्रोश के बीच यह सवाल उठता है कि, क्या सरकार और अधिकारी ग्रामीणों के हितों की रक्षा कर पाएंगे या फिर ग्रामीणों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।



