एमसीबी/15 जुलाई 2026/ जिले के विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम लरकोडा में ग्रामीणों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा सार्वजनिक हैंडपंपों का क्लोरीनेशन कार्य किया गया। अभियान के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ जल जनित बीमारियों की रोकथाम की दिशा में प्रभावी पहल की गई।

निर्धारित मानकों के अनुसार किया गया क्लोरीनेशन
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री आकाश पोद्दार के निर्देशानुसार विभाग की तकनीकी टीम एवं हैंडपंप टेक्नीशियन ने ग्राम के सभी सार्वजनिक हैंडपंपों में निर्धारित मानकों के अनुरूप 30 एमएल क्लोरीन का उपयोग कर क्लोरीनेशन किया। इस प्रक्रिया से पेयजल में मौजूद हानिकारक जीवाणुओं एवं संक्रमण फैलाने वाले सूक्ष्मजीवों का प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया गया, जिससे ग्रामीणों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध हो सके।
ग्रामीणों को स्वच्छता और जल संरक्षण का दिया संदेश
अभियान के दौरान विभागीय टीम ने ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल के उपयोग, जल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई, हैंडपंपों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा जल संरक्षण के महत्व के प्रति भी जागरूक किया। साथ ही जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाने और सामुदायिक सहभागिता से उनके संरक्षण की अपील की गई।
जल गुणवत्ता संरक्षण का अभियान रहेगा जारी
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर हैंडपंपों का क्लोरीनेशन, जल गुणवत्ता परीक्षण एवं जन जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। विभाग का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना तथा जलजनित रोगों की प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करना है। ग्रामीणों ने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने और सुरक्षित पेयजल के संरक्षण में सहयोग देने का संकल्प लिया।
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