
स्वास्थ्य अवकाश, विभागीय प्रक्रिया और सोशल मीडिया विवाद के बाद फिर संभालेंगे जिम्मेदारी; ड्यूटी के बाद ही बनाएंगे जागरूकता वीडियो
गणेश सोनी
सिटी रिपोर्टर, वशिष्ठ टाइम्स
शहडोल।
निलंबन, इस्तीफे और सोशल मीडिया पर चली चर्चाओं के बीच शहडोल के चर्चित ट्रैफिक हवलदार विवेकानंद तिवारी ने पुलिस विभाग में पुनः सेवा देने की इच्छा व्यक्त की है।
विभाग द्वारा इस्तीफा स्वीकार नहीं किए जाने के बाद उन्होंने दोबारा अपनी जिम्मेदारियां निभाने का निर्णय लिया है।
देशभर में अपने अनोखे ट्रैफिक जागरूकता वीडियो के माध्यम से पहचान बना चुके विवेकानंद तिवारी ने कहा कि भविष्य में भी वे सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता से जुड़े वीडियो बनाते रहेंगे, लेकिन यह कार्य केवल ड्यूटी समाप्त होने के बाद और सिविल ड्रेस में करेंगे।
उनका कहना है कि वे विभागीय नियमों और अनुशासन का पूर्ण पालन करेंगे।
तिवारी के अनुसार, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण उन्होंने मेडिकल अवकाश लिया था। उनका दावा है कि विभागीय प्रक्रिया में हुई त्रुटि के चलते उन्हें ड्यूटी से अनुपस्थित माना गया, जिसके बाद 4 जून को पुलिस अधीक्षक श्री राम जी श्रीवास्तव द्वारा उन्हें निलंबित कर दिया गया।
इसी दौरान उनकी पत्नी के बैंक खाते की जांच के भी आदेश दिए गए, जिससे वे मानसिक रूप से काफी प्रभावित हुए।
उन्होंने बताया कि परिस्थितियों से आहत होकर उन्होंने पुलिस विभाग से इस्तीफा सौंप दिया था। हालांकि विभाग ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया और पुनर्विचार का अवसर दिया।
विभाग की पहल के बाद उन्होंने सेवा में लौटने का निर्णय लिया और पुनः पुलिस विभाग में अपनी जिम्मेदारियां निभाने की इच्छा जताई।
फिलहाल विभागीय प्रक्रिया के अनुरूप आगे की कार्रवाई जारी है। आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही उनकी पदस्थापना और कार्यभार ग्रहण करने की स्थिति स्पष्ट होगी। मामले को लेकर पुलिस विभाग की ओर से अंतिम प्रशासनिक निर्णय की प्रतीक्षा की जा रही है।
— गणेश सोनी
सिटी रिपोर्टर, वशिष्ठ टाइम्स

