कोरिया/सोनहत।
राज्य सरकार की सहमति के बाद जांच शुरू, निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग तेज
कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के ग्राम नौगई में हुए बहुचर्चित तिहरे हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपने हाथ में ले ली है। राज्य सरकार की सहमति मिलने के बाद CBI की पांच सदस्यीय टीम घटनास्थल पहुंची और मामले की जांच प्रारंभ कर दी है।
टीम घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों तथा संबंधित पक्षों से जानकारी जुटाने की प्रक्रिया में लगी है।
यह मामला 16 जून 2026 की रात घटित उस घटना से जुड़ा है, जिसमें भाजपा नेता भरत कुमार सिंह उर्फ लल्ला सिंह सहित तीन लोगों की वाहन में आग लगने से मृत्यु हुई थी।

घटना में अन्य लोग भी घायल हुए थे। इस प्रकरण ने पूरे प्रदेश में व्यापक जनचर्चा और आक्रोश को जन्म दिया था।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश एवं रेत खनन-परिवहन को लेकर चल रहे विवाद की पृष्ठभूमि सामने आई है। आरोप है कि विवाद के दौरान वाहन में ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाई गई, जिससे भरत कुमार सिंह की मौके पर तथा नागेंद्र सिंह एवं वीरेंद्र सिंह की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
मामले में पुलिस अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर चुकी है, जिनके विरुद्ध विधि अनुसार कार्रवाई जारी है।
घटना के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग उठाई थी। सरगुजा संभागीय सर्व ब्राह्मण समाज ने पुलिस महानिरीक्षक को ज्ञापन सौंपकर बिना किसी बाहरी दबाव के निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।वहीं क्षत्रिय समाज ने कोरिया कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, गृहमंत्री एवं पुलिस महानिदेशक के नाम ज्ञापन देकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई तथा निष्पक्ष जांच की मांग की।
पीड़ित परिवार, विभिन्न सामाजिक संगठनों तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार CBI जांच की मांग किए जाने के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंपने का निर्णय लिया। इसके बाद CBI की टीम ने जांच प्रारंभ कर दी है।
कानूनी दृष्टिकोण से यह मामला हत्या, आपराधिक षड्यंत्र, आगजनी, बलवा तथा अन्य प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत दर्ज गंभीर आपराधिक प्रकरण है।
अंतिम सत्य और किसी भी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी का निर्धारण केवल निष्पक्ष जांच तथा सक्षम न्यायालय के निर्णय के आधार पर ही होगा।CBI द्वारा अब घटनास्थल, वैज्ञानिक साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य तथा अन्य उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा।
जांच एजेंसी की रिपोर्ट और न्यायालय की आगामी कार्यवाही पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है।
रिपोर्ट: वशिष्ठ टाइम समाचार


