वर्षों से एक ही पंचायत की कुर्सी पर जमे सचिव! ग्रामीणों ने लगाए पक्षपात, मनमानी और विकास कार्यों में पारदर्शिता के अभाव के आरोप
जयसिंहनगर (शहडोल)।
Report-
Bani Madhav kushvaha

जनपद पंचायत जयसिंहनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत सीधी के सचिव को लेकर ग्रामीणों एवं स्थानीय सूत्रों के हवाले से गंभीर आरोप सामने आए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित सचिव पिछले लगभग 20 वर्षों या उससे अधिक समय से इसी पंचायत में पदस्थ अथवा अतिरिक्त प्रभार के माध्यम से कार्यरत हैं। उनका आरोप है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर बने रहने के कारण पंचायत के कार्यों में पारदर्शिता प्रभावित हुई है तथा आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो रहा।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया जाता है तथा सभी लोगों को समान रूप से योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता।
उनका कहना है कि पंचायत कार्यालय में कई अभिलेखों और विकास कार्यों की जानकारी आमजन को सहज रूप से उपलब्ध नहीं कराई जाती।
विशेष रूप से 15वें वित्त आयोग, मूलभूत राशि तथा अन्य विकास मदों से प्राप्त धनराशि और उससे कराए गए कार्यों की जानकारी को लेकर भी ग्रामीणों ने असंतोष व्यक्त किया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत में हुए विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति और सरकारी अभिलेखों में दर्ज विवरण का निष्पक्ष सत्यापन कराया जाना चाहिए, ताकि यदि किसी प्रकार की अनियमितता हो तो वह सामने आ सके।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि पंचायत में लंबे समय से जमे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यकाल की प्रशासनिक समीक्षा की जाए तथा आवश्यक होने पर स्थानांतरण एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर शहडोल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शहडोल तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जयसिंहनगर से मांग की है कि ग्राम पंचायत सीधी में पदस्थ सचिव के कार्यकाल, 15वें वित्त आयोग एवं अन्य मदों से प्राप्त राशि, विकास कार्यों, अभिलेखों तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

