श्रीमान चंपत जी एक ऐसा नाम है जो कई वर्षों से भगवान की सेवा में रत हैं
लेकिन लालच इतनी बुरी स्थिति ला सकती है की भगवान के घर में ऐसे घिनौना कर्म करते हुए उनको जरा सी भी झिझक नहीं हुई कि इसकी सजा भगवान तो देगा ही हमको
लेकिन पहले इस धरा में मिलने वाली कठोर सजा के लिए तैयार रहें
किसी ने सच कहा है जैसा करोगे वैसा भरोगे
वशिष्ठ टाइम्स
शहडोल
