महाराष्ट्र में 18 जून को लोहागढ़ किले के पास की खाई से 26 साल के केतन अग्रवाल का शव मिला था। जब पुलिस ने इस बात की जांच की तो खुलासा हुआ कि केतन और उसकी मंगेदर सिया लोहागढ़ का किला घुमने गए थे।
पुलिस ने घटना के बारे में पूछताछ की तो सिया ने बताया कि फोन से फोटो लेते समय केतन का पैर फिसल गया और वो खाई में गिर गया। इस बयान को दर्ज करने के बाद से पुलिस ने आगे की जांच की तो कई हैरान कर देने वाले खुलासे हुए।
इस सवाल का जवाब पाने के लिए एक मीडिया चैनल ने जमीनी पड़ताल की तो किले से जुड़ी कई बातें सामने आई जैसे लोहागढ़ किला राज्य की सबसे रहस्यमयी जगहों में से एक है। इसकी कई भूतिया कहानियां हैं, जिसने लोहागढ़ किले के रहस्य को और भी रहस्यमयी बना दिया है।
केतन मर्डर केस के बाद चर्चा में आया यह किला आसपास के एरिया से लगभग 600 फीट ऊंचा है। यहां खड़ी चट्टानें और गहरी खाइयां हैं। वहीं इस जगह के कई हिस्से सुनसान रहते हैं।

वहीं ये जगह मेन टूरिस्ट पॉइंट से दूर हैं। इस किले की संरचना काफी रोमांचक है। कुछ जगहों पर भीड़भाड़ वाले रास्ते अचानक सुनसान और खतरनाक किनारों में बदल जाते हैं।
गर्मियों और मानसून से पहले के समय में लोहागढ़ किले पर पर्यटकों की भीड़ कम हो जाती है, जिसकी वजह से कई हिस्से काफी सुनसान हो जाते हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इसी वजह से लोहागढ़ को जानबूझकर चुना गया था। सिया का दो बार उसी जगह जाना भी पुलिस के शक को और बढ़ा रहा है।
लोनावला के पास सह्याद्री पहाड़ियों में बना लोहागढ़ किला काफी पुराना है और इसका इतिहास कई सदियों पुराना है। माना जाता है कि इसकी शुरुआत सातवाहन काल में हुई थी। यह किला पुणे से करीब 50 किलोमीटर दूर पश्चिमी घाट का हिस्सा है।लोहागढ़ नाम मराठी के दो शब्दों से बना है, जिसमें लोहा का मतलब लोहा और गढ़ का मतलब किला होता है, यानी इसका अर्थ है लोहे का किला।


