बस्तर की प्राकृतिक धरोहर और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की पहचान मानी जाने वाली विश्व प्रसिद्ध कुटुमसर गुफा आगामी 15 जून से अगले तीन माह के लिए पर्यटकों के लिए बंद कर दी जाएगी।
मानसून के दौरान सुरक्षा कारणों से हर वर्ष की तरह इस बार भी वन विभाग ने यह निर्णय लिया है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार वर्षा ऋतु में कुटुमसर गुफा के भीतर जलभराव की स्थिति बन जाती है। कई स्थानों पर फिसलन बढ़ने के साथ प्राकृतिक जोखिम भी बढ़ जाते हैं।
ऐसे में पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गुफा में प्रवेश प्रतिबंधित करना जरूरी हो जाता है। बारिश के दौरान गुफा के अंदर पानी का स्तर बढ़ने से आवाजाही मुश्किल हो जाती है।


वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मानसून समाप्त होने और मौसम सामान्य होने के बाद गुफा का निरीक्षण किया जाएगा। सुरक्षा मानकों की समीक्षा के बाद सितंबर या अक्टूबर माह में इसे दोबारा पर्यटकों के लिए खोला जाएगा।
कुटुमसर गुफा केवल एक पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की आय का भी महत्वपूर्ण स्रोत है। गुफा के बंद होने से कांगेर घाटी क्षेत्र में संचालित लगभग 36 जिप्सी वाहनों का संचालन तीन माह तक ठप हो जाएगा। इन वाहनों से जुड़े चालक, गाइड और अन्य स्थानीय युवक प्रत्यक्ष रूप से पर्यटन गतिविधियों पर निर्भर हैं।
कुटुमसर गुफा कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान का सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल मानी जाती है। देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी पर्यटक यहां पहुंचते हैं। गुफा की प्राकृतिक बनावट, रहस्यमयी वातावरण और अंदर मौजूद अद्भुत संरचनाएं लोगों को आकर्षित करती हैं। पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार बस्तर आने वाले अधिकांश पर्यटक अपने यात्रा कार्यक्रम में कुटुमसर गुफा को जरूर शामिल करते हैं।

