विशेष रिपोर्ट | Nilesh Soni
ग्राम पंचायत बंसीपुर के मुख्य मार्ग किनारे स्थित एकमात्र सार्वजनिक हैंडपंप पिछले कई वर्षों से खराब पड़ा हुआ है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
भीषण गर्मी के इस दौर में जहां पानी जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है, वहीं ग्रामीणों को पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि हैंडपंप खराब होने के बाद से उन्होंने कई बार संबंधित विभाग को लिखित एवं मौखिक रूप से सूचना दी, यहां तक कि स्थानीय कर्मचारियों को भी अवगत कराया गया।
इसके बावजूद जल शक्ति विभाग की ओर से कोई पहल नहीं की गई, जो सीधे तौर पर विभागीय उदासीनता और लापरवाही को दर्शाता है।
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गांव के बुजुर्गों और महिलाओं का कहना है कि पानी की कमी के कारण उन्हें दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी लाना पड़ता है। बच्चों और बुजुर्गों को इस भीषण गर्मी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


स्थिति इतनी गंभीर है कि कई बार पीने योग्य पानी तक उपलब्ध नहीं हो पाता।
यह मामला केवल एक खराब हैंडपंप का नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास और बुनियादी सुविधाओं के प्रति प्रशासन की संवेदनहीनता का प्रतीक बन चुका है।
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यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार की योजनाओं के बावजूद जमीनी स्तर पर उनका क्रियान्वयन पूरी तरह विफल साबित हो रहा है।
संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं, जिससे आम जनता का विश्वास लगातार कमजोर हो रहा है।

जल शक्ति विभाग सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक ग्रामीण इस तरह की समस्याओं से जूझते रहेंगे?
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ग्रामीणों की मांग
तत्काल हैंडपंप की मरम्मत या नया हैंडपंप स्थापित किया जाए
गांव में स्थायी जल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
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अब समय है कार्रवाई का, न कि केवल आश्वासन का।

