कोरिया, 10 जून 2026/ जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवासों के निर्माण कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने तथा हितग्राहियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा गांव-गांव जनचौपालों का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से अधिकारियों की टीम सीधे ग्रामीणों तक पहुंचकर आवास निर्माण की प्रगति की समीक्षा कर रही है और आवश्यक सहयोग प्रदान कर रही है।
जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने जानकारी दी कि कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के निर्देश पर जिले के सभी विकासखंडों में जनचौपालों का संचालन किया जा रहा है। इन चौपालों में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक तथा प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े जनपद स्तरीय अधिकारी शामिल होकर हितग्राहियों से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक स्वीकृत आवास का निर्माण समय पर पूर्ण हो तथा किसी भी हितग्राही को निर्माण प्रक्रिया में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। इसके लिए अधिकारियों द्वारा लगातार क्षेत्र भ्रमण कर हितग्राहियों को मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
इसी क्रम में गत दिवस सोनहत जनपद पंचायत के अंतर्गत कछार, लटमा, सुंदरपुर, घुघरा सहित आधा दर्जन से अधिक ग्रामों में जनचौपालों का आयोजन किया गया। इन चौपालों के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से संवाद कर उनके आवास निर्माण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।


अधिकारियों ने इस दौरान निर्माण कार्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं जैसे संसाधनों की उपलब्धता, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 90 दिवस के अकुशल श्रम दिवसों की स्थिति, लंबित जियो टैगिंग तथा किश्तों के भुगतान की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही जहां भी समस्याएं सामने आईं, उनका मौके पर ही समाधान करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक एवं बड़ी संख्या में आवास हितग्राही उपस्थित रहे। हितग्राहियों ने अपनी समस्याएं एवं सुझाव अधिकारियों के समक्ष रखे, जिन पर तत्काल कार्रवाई की गई।
प्रशासन ने कहा है कि इस तरह की जनचौपालों से न केवल आवास निर्माण कार्य में तेजी आएगी, बल्कि ग्रामीणों और प्रशासन के बीच संवाद भी मजबूत होगा, जिससे योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

