स्कूली छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने विद्यार्थी विज्ञान मंथन (वीवीएम) 2026-27 का आयोजन किया जा रहा है। इसके जरिए छात्रों को भारत की समृद्ध वैज्ञानिक विरासत से परिचित कराया जाएगा।
प्रतियोगिता के राष्ट्रीय (हिमालयन) और आंचलिक (जोनल) विजेताओं को भारत के प्रमुख राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं और केंद्रों में 1 से 3 सप्ताह का प्रशिक्षण और सह इंटर्नशिप का अवसर दिया जाएगा।
शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने तकनीकी सहायता के लिए राज्य समन्वयकों की नियुक्ति की है। विद्यार्थी 30 सितंबर तक पंजीयन कर सकते है।

यह छात्रवृत्ति एक वर्ष के लिए होगी और छात्र द्वारा किए गए विशेष प्रोजेक्ट या गतिविधि के मूल्यांकन के आधार पर तिमाही रूप से जारी की जाएगी।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का राष्ट्रीय अभियान है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को भारत के वैज्ञानिक इतिहास, उपलब्धियों और आधुनिक अनुसंधान संस्थानों की कार्यप्रणाली से परिचित कराया जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को भविष्य में वैज्ञानिक, इंजीनियर, शोधकर्ता और नवाचारकर्ता बनने के लिए प्रेरित करते हैं तथा देश की वैज्ञानिक क्षमता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

