प्रदेश में खानपान की खराब आदतों, जंक फूड, शराब के अत्यधिक सेवन और दूषित पानी के कारण पथरीके मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
वहीं रायपुर-दुर्ग में अधिक मामले सामाने आ रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अब बच्चे और बुजुर्ग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं, जिससे डॉक्टर भी हैरान हैं।
सरकारी अस्पतालों जैसे मेकाहारा (आंबेडकर अस्पताल), डीकेएस सुपर स्पेशलिटी और निजी अस्पतालों में ऐसी सर्जरी के मामले लगातार बढ़ रहे,विशेषज्ञों के अनुसार,
पहले बच्चों में पथरी के मामले बेहद दुर्लभ होते थे। 5 साल पहले जहां महीनेभर में बच्चों का कोई केस बमुश्किल ही आता था,

60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों में भी गाल ब्लैडर स्टोन के केस तेजी से बढ़े हैं,इस पानी में कैल्शियम और मैग्नीशियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो शरीर में जाकर पथरी का रूप ले लेती है। रायपुर और दुर्ग जिलों में औद्योगिक कचरे के कारण भूजल का टीडीएस 500 से पार हो चुका है।
कोरोनाकाल के बाद से बच्चों और युवाओं में मोटापा तेजी से बढ़ा है, जो पथरी का एक और प्रमुख कारण है। इसके अलावा, भोजन में प्रतिदिन 3 से 5 ग्राम से अधिक नमक का सेवन भी पथरी और हाइपरटेंशन की बीमारी को न्योता दे रहा है।

