Report Nilesh Sony
कोरिया/सोनहत।
भरतपुर–सोनहत/छत्तीसगढ़।
Shyam Singh Markam, राष्ट्रीय महासचिव, Gondwana Ganatantra Party ने क्षेत्रीय दौरे के दौरान जनहित से जुड़े गंभीर मुद्दों को उठाते हुए एक मजबूत और जनकेन्द्रित विकल्प के रूप में अपनी पार्टी की नीति और दृष्टि स्पष्ट की।
उन्होंने कहा कि आज ग्रामीण अंचलों में बिजली संकट, किसानों की उपेक्षा, कृषि संसाधनों की कमी, पशु उपचार व्यवस्था की बदहाली और प्रशासनिक भ्रष्टाचार जैसी समस्याएं आम जनता को सीधे प्रभावित कर रही हैं, लेकिन मौजूदा व्यवस्था इन समस्याओं के समाधान में विफल साबित हो रही है।
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जनता के मुद्दों पर स्पष्ट दृष्टि और मजबूत संकल्प
श्याम सिंह मरकाम ने जोर देते हुए कहा कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी केवल वादे नहीं करती, बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव लाने का संकल्प लेकर चलती है।
उन्होंने बताया कि किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध नहीं हो रहा, जिससे उनकी मेहनत पर संकट खड़ा हो रहा है। वहीं, लगातार बिजली कटौती से खेती और आम जनजीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं। पशुपालकों को भी समुचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है, जो एक बड़ी चिंता का विषय है।
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सरकार बनने पर बड़े और निर्णायक फैसले
मरकाम ने भरोसा दिलाया कि यदि प्रदेश की जनता गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को सत्ता में लाती है, तो सरकार बनते ही ऐतिहासिक फैसले लिए जाएंगे:
सभी उपभोक्ताओं के बिजली बिल माफ कर राहत दी जाएगी
किसानों के लिए समयबद्ध और प्रभावी कृषि नीति लागू होगी
जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा के लिए कड़े कानून और क्रियान्वयन
वृद्धजनों को नियमित मासिक पेंशन सुनिश्चित
भूमिहीन मजदूरों को भूमि का अधिकार
पशुओं के लिए आधुनिक और सुलभ उपचार व्यवस्था
प्रशासनिक तंत्र में व्याप्त कमीशनखोरी, रिश्वतखोरी और कालाबाजारी पर सख्त रोक
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“नए युग की शुरुआत” का आह्वान
मरकाम ने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि यह समय बदलाव का है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता अब एक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी शासन चाहती है, और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी इस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने भारतपुर–सोनहत सहित पूरे प्रदेश में लोगों से एकजुट होकर पार्टी को समर्थन देने की अपील की, ताकि एक नए, स्वच्छ और जनकल्याणकारी शासन की स्थापना हो सके।
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निष्कर्ष
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और श्याम सिंह मरकाम द्वारा प्रस्तुत यह विजन न केवल क्षेत्रीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक मजबूत वैकल्पिक राजनीति की ओर संकेत करता है, जिसमें जनता के मूलभूत अधिकारों और संसाधनों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

